ड्रग्स एक दानव की तरह जिन्दगियों को निगल रहा है , जिसके कारण परिवार के परिवार तबाह हो रहे हैं । केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्रालय के एक सर्वेक्षण के अनुसार देश में छः करोड़ से भी अधिक लोगों को ड्रग्स की लत है । युवा पीढ़ी नशे की आदी हो चुकी है । इस दलदल से उन्हें निकालना होगा क्योंकि युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है । प्रधानमन्त्री मोदी जी किसी भी बात से बेखबर नहीं रहते । ध्यान में रखते हुए उन्होंने गत वर्ष 15 अगस्त को ‘ नशा मुक्त भारत अभियान ‘ की शुरुआत की थी । इसके लिए देश के उन 272 जिलों को चुना गया , जहाँ सबसे ज्यादा लोग नशे की चपेट में हैं । उनमें असम के भी नौ जिले हैं । असम की भौगोलिक स्थिति अन्तर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करों के लिए उपयोगी रही है । । ड्रग्स तस्करों के लिये दुनिया भर में कुख्यात ‘ गोल्डन ट्रायंगल ‘ ( म्यांमार , लाओस और थाइलैण्ड के बीच का इलाका ) से नजदीक होने के कारण असम तस्करों के निशाने पर रहता है । वे असम को म्यांमार और शेष भारत के बीच एक कारिडोर के रूप में इस्तेमाल करने की जुगत में रहते हैं । प्रतिबन्धित ड्रग्स मणिपुर और मिजोरम के रास्ते असम लाई जाती है और फिर दूसरे राज्यों में भेजी जाती है । ड्रग्स एण्ड क्राइम पर संयुक्त राष्ट्र ( यूएनओडीसी ) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल वैश्विक अफीम उत्पादन में अफगानिस्तान का योगदान 85 प्रतिशत था । अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के काबिज होने के बाद विभिन्न एजेंसियों ने देश में ड्रग्स तस्करी बढ़ने की आशंका जताई है । हाल ही में अफगानिस्तान से लगभग 21 हजार करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ड्रग्स तस्करी के रैकेट के पर्दाफाश के बाद देश की तमाम एजेंसिया इसकी तह तक पहुँचने में जुट गई हैं । डीआरआई के अनुसार करीब 3 हजार किलोग्राम हेरोइन की यह खेप 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान से ईरान भेजी गई थी । ड्रग्स तस्करी में तालिबान की संलिप्तता की जाँच के लिए नोएडा से गिरफ्तार अफगानी से पूछताछ जारी है । इससे पूर्व भी मादक पदार्थ की तस्करी की सूचना मिलती रही है । टेलकम पाउडर की आड़ में हेरोइन की बड़ी खेप ( 25 हजार किलोग्राम ) का आयात किया गया था । बताया जाता है कि वह टेलकम पाउडर नहीं हेरोइन था , जिसकी कीमत 70 हजार करोड़ थी । आँकड़ों के आइने में अगर देखें तो 5 सितम्बर , 2021 के बीच प्रदेश में नारकोटिक्स एक्ट ( एनडीपीसीएस ) के तहत कुल 1250 मामले दर्ज हुए । उनमें 2162 लोग गिरफ्तार हुए । नशीले पदार्थ पकड़े गये , जिनका बाजार मूल्य 231.31 करोड़ रुपये है । 2020 में 980 मामले दर्ज हुए , जिनमें 1652 लोगों की गिरफ्तारी हुई और नशीले पदार्थ जब्त किये गये । ‘ गोल्डन ट्रायंगल ‘ से आने वाली खेप के लिये असम को पारगमन केन्द्र यानी ट्राजिट प्वाइंट बनाने वाले तस्करों के करीब 80 फीसद नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया गया । ड्रग्स की महामारी को समाप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । जो युवा नशे के आदी हो गये हैं उनके लिए नशा मुक्ति केन्द्र चलाये जा रहे हैं । ड्रग्स के कारण राह से भटके युवा फिर से सही राह पर आयें । अपने परिवार , समाज और देश के विकास में भागीदार बनें , यही अभिलाषा है । सभी सरकारों को ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक मुहिम छेड़नी चाहिये , जिससे ड्रग्स की तस्करी तो खत्म हो ही , साथ ही युवा पीढ़ी भी इसकी शिकार होने से बच सके ।
आज ही एक संकल्प लें कि अपने परिवार और आसपास में किसी को भी ड्रग्स न लेने देंगे और स्वयं एक जागरूक अभियान चलायेंगे । अगर हमने एक भी व्यक्ति को नशे का आदी होने से बचा लिया तो एक परिवार को बचा लिया और आपका जीवन सार्थक हो जायेगा ।
-नन्दिनी रस्तोगी ‘नेहा’ मेरठ


