पालघर (सं.भा.) वसई-विरार क्षेत्र में तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या अब आम लोगों के लिए बड़ी जनसमस्या बनती जा रही है। रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम, पार्किंग की किल्लत और सड़कों पर बढ़ती भीड़ ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि छोटी दूरी तय करने में भी लंबा समय लग रहा है, जिससे कामकाजी वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में 1,04,925 नए वाहनों का पंजीकरण हुआ है, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वर्ष 2023-24 में 82,160 और 2024-25 में 93,917 वाहनों का पंजीकरण हुआ था, जिससे साफ है कि हर साल हजारों की संख्या में नई गाड़ियां सड़कों पर उतर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन की कमजोर व्यवस्था इस समस्या की बड़ी वजह है। बस सेवाओं की कमी और ऑटो-रिक्शा की अनियमितता के चलते लोग मजबूर होकर निजी वाहन खरीद रहे हैं। अब वाहन रखना सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है।
वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया ने भी इस बढ़ोतरी को तेज किया है। आसान प्रक्रिया के कारण लोग तेजी से वाहन खरीदकर सड़कों पर उतार रहे हैं।
हालांकि, बढ़ती वाहनों की संख्या के मुकाबले बुनियादी सुविधाएं काफी पीछे हैं। सड़कों का विस्तार धीमा है और पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण गाड़ियां सड़कों पर ही खड़ी रहती हैं। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और जाम की समस्या आम हो गई है।
वाहनों की बाढ़ से बेहाल वसई-विरार, जनता ट्रैफिक और पार्किंग से परेशान
RELATED ARTICLES


