फतेहपुर (सं.भा.) : औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, लेकिन जब उद्योगों से निकलने वाला अपशिष्ट जल और मिट्टी को प्रदूषित करने लगे तो यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। ऐसे ही एक मामले ने बिंदकी तहसील के हरदौलपुर-चौडगरा क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जहां एक औद्योगिक इकाई पर प्रदूषण फैलाने के आरोप लगे हैं।
बिंदकी तहसील के हरदौलपुर-चौडगरा क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक इकाई के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, फैक्ट्री से निकलने वाले औद्योगिक अपशिष्ट का समुचित शोधन किए बिना उसे नाले के माध्यम से पांडु नदी और आगे गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि फैक्ट्री परिसर में बनाए गए सोख्ता पिट के कारण भूजल प्रदूषित होने की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं हुई तो आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूर्व में निरीक्षण के दौरान संबंधित इकाई को एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) नियमित रूप से संचालित करने, जल एवं वायु गुणवत्ता की जांच कराने तथा पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इन निर्देशों का वास्तविक रूप से पालन हो रहा है या नहीं, इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।


