मुंबई (सं. भा.) : कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए राज्य सरकार द्वारा कई जगह पर जंबो कोविड सेंटर या कोविड सेंटर बनाए गए हैं। इन कोविड सेंटरों में आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज करने से लेकर टीकाकरण की जिम्मेदारी मुंबई महानगर पालिका को दिया गया है। इन कोविड सेंटरों में कितने बेड खाली हैं। कितने मरीजों को उपलब्ध कराए गए हैं सहित आदी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुंबई भर के मनपा वार्ड कार्यालयों में वार रूम बनाए गए हैं। ऐसा ही एक वार रूम दहिसर के आर उत्तर मनपा कार्यालय में भी बनाया गया है। यहां पर कार्यरत कर्मचारियों की यह जिम्मेदारी है कि कोरोना से जुड़ी किसी भी जानकारी वे फोन करने वाले को उपलब्ध कराएं। मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने औचक जांच के लिए दहिसर कोविड वार रूम में फोन किया तो किसी ने फोन नही उठाया। बताया जाता है की इस से महापौर काफी नाराज हुईं और वार रूम के इंचार्च को जम कर झड़प लगाते हुए खूब खरी खोटी सुनाई और उसकी जगह संजय पाटील को वहां का इंचार्ज बना दिया । यानी महापौर की नजर में दहिसर आर उत्तर मनपा कार्यालय में बना वार रूम बकवास साबित हुआ है।

दूसरी ओर दहिसर कोविड सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ . रोहन ने बताया कि यहां पर 790 बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए हैं। वर्तमान में इन में से 250 बेड खाली हैं। डॉ . रोहन के अनुसार दहिसर कोविड सेंटर में 150 ओक्सिजन बेड उपलब्ध है और ओक्सिजन की कोई कमी नही है। उन्होने बताया कि सेंटर से रोज लगभग 80 मरीज कोरोना से ठीक हो कर घर जाते हैं जबकि रोज 40 से 50 संक्रमित मरीज यहां भर्ती किए जाते हैं। उनके अनुसार मौत दहिसर कोविड सेंटर में अभी तक किसी मरीज की मौत नही हुई है। यानी डॉ. रोहन द्वारा दहिसर कोविड सेंटर की जिस प्रकार खूबी बताई गई उसके अनुसार तो वह सेंटर झक्कास है।


