- झीलों में बचा सिर्फ 11% पानी
- मॉनसून की बारिश पर टिकी उम्मीदें
मुंबई। मुंबई में आने वाले दिनों में पानी का गंभीर संकट गहरा सकता है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में इस समय सिर्फ 11% ही पानी बचा है, जिसने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि यदि झीलों का जलस्तर 10% के नीचे चला गया, तो वे रिजर्व कोटे का पानी इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे।
हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि अभी पानी कटौती की कोई तत्काल आशंका नहीं है, लेकिन यदि झील क्षेत्रों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो इस पर दोबारा विचार किया जाएगा। मौसम विभाग ने 10-12 जून के आसपास अच्छी बारिश की संभावना व्यक्त की है। ऐसे में, बीएमसी इसके बाद ही रिजर्व कोटे का पानी इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। मौजूदा स्थिति में, सात झीलों में से अपर वैतरणा झील में सिर्फ 3% पानी बचा है, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है। सातों झीलों की कुल भंडारण क्षमता 1,44,763 एमएलडी है।
बता दें कि मुंबई को अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, भातसा, तानसा, मोडक, विहार और तुलसी झील से रोज़ाना करीब 4000 एमएलडी पानी मिलता है। राज्य सरकार ने पहले ही भातसा और अपर वैतरणा झील से रिजर्व कोटे का पानी बीएमसी को देने की सहमति दे दी है। बीएमसी रिजर्व कोटे का 68 हज़ार एमएलडी पानी और अपर वैतरणा झील से 1.13 लाख एमएलडी पानी का उपयोग कर सकती है, जिससे फिलहाल कुछ समय तक शहर को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। अब सबकी निगाहें मॉनसून की आने वाली बारिश पर टिकी हैं।


