फतेहपुर (सं. भा.) : पुरानी पेंशन को दोबारा लागू किए जाने की मांग को लेकर अटेवा ने रविवार को काला दिवस मनाया। बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी एकजुट हुए। आंदोलन और वार्ताओं के क्रम का जिक्र करते हुए संगठन ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। संगठन ने साफ किया कि हम हार मानने वाले नहीं हैं एक दिन बुढ़ापे की लाठी कही जाने वाली पेंशन का हक लेकर रहेंगे। इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी होगी दी जाएगी।
अटेवा (आल टीचर्स एंड इंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन) की जिला इकाई ने पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले जुटे सरकारी कर्मचारियों ने सिर पर टोपी पहनकर आंबेडकर पार्क से बाइक जुलूस निकाल कर काला दिवस मनाया। जिलाध्यक्ष निधान ¨सह यादव के संयोजकत्व एवं असोथर प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनुराग मिश्र की अगुवाई में बाइक जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों में घूमा तो कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच कर समाप्त हुआ। सभा में नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने नियम पारित करके 1 अप्रैल 2005 के बाद के सरकारी कर्मचारियों को पेंशन देना बंदकर दिया है जबकि सांसद और विधायक एक दिन भी बन जाने पर पेंशन दी जाती है। दोहरा मानक देश के अंदर नहीं चलने दिया जाएगा। इस मौके पर लेखपाल संघ के मंत्री वीरेंद्र ¨सह, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री विजय त्रिपाठी, बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय, सफाई कर्मचारी संघ के बाबूलाल, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष अदीप ¨सह, लाल देवेंद्र ¨सह, शैलेंद्र भदौरिया, देवेंद्र पाण्डेय, महेंद्र मौर्य, राज कुमार, बृजेश कुमार, रूपेश कुमार, शैलेंद्र मौर्य, रमाशंकर गुप्त, मनीष, अंकित आदि प्रमुख रहे।


