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स्वच्छता के लिए मजाक बना हालात नहीं बदले

फतेहपुर (सं. भा.) : सदर पालिका के अमृत जैसी योजना में शुमार होने के बाद शहर के ओंकार नगर मुहल्ले के हालात नहीं बदले हैं। नगर पालिका प्रशासन एक ओर दिनभर अभियान चलाने का दावा करता है तो दूसरी ओर रात्रिकालीन सफाई के लिए सैकड़ों सफाई कर्मी लगा रखे हैं इसके बाद इस मुहल्ले की सुधि न लिए जाने से लोगों को गंदगी के बीच जीना पड़ रहा है। चुनाव जीत कर जनप्रतिनिधि भी मुहल्ले की ओर से पूरी तरह मुंह मोड़े हुए हैं।

शहर को साफ सुथरा रखने के लिए नगर पालिका प्रतिमाह 50 लाख रुपये खर्च करती है। इसके बाद मुहल्ले गंदगी से उबर नहीं पा रहे हैं। वीआइपी रोड से सटे ओंकार नगर की नई आबादी स्वच्छता अभियान से दूर है। शहर के बीचोबीच बसी आबादी में जब स्वच्छता की अलख नहीं जग पा रही है तो फिर गांव बने मुहल्लों की दशा क्या होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ओंकार नगर में आलीशान इमारते हैं जिनके सामने बनी नालियों में महीनों से साफ सफाई नहीं हुई तो मुहल्ले में एक भी डस्टबिन देखने को नहीं मिल पाएगा। नालियों की समुचित सफाई व्यवस्था न होने से जगह जगह पानी का भराव हो रहा है। डस्टबिन न होने के चलते लोग खाली जगहों में मजबूरी में कूड़ा फेंक रहे हैं। मुहल्ले वालों का आरोप है कि पालिका के सफाई अभियान चलाने के बड़े बड़े दावों को सुन रखा है। उनके मुहल्ले में तो अदना सा सफाई कर्मी नहीं आता है। पालिका की कथनी और करनी में अंतर इसी से दिखाई पड़ रहा है। क्या बोली जनता

नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह से लापरवाही का रवैया अपनाए हुए है। रोज रोज एक मुहल्ले की सफाई कराने के साथ कम से कम सप्ताह में एक बार इन अछूते मुहल्लों में सफाई करवाने की व्यवस्था करे। -मुनेश कुमार गुप्ता मुहल्ले का एक बार प्रशासनिक निरीक्षण करवा लिया जाए इसके बाद फैली गंदगी से सफाई अभियान की पोल खुल जाएगी। सैकड़ों की तादाद में पालिका में कर्मी हैं जिन्हें मुहल्लेवार सिर्फ कागजों में लगाया गया है। -विजय ¨सह मुहल्ले में सफाई न होने से गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है तो मच्छरों का आतंक फैला हुआ है। इसके बाद पालिका प्रशासन के जिम्मेदारों को जनता की समस्याओं की सुधि नहीं है। जिससे परेशानी होती है। -संदीप पटेल नालियों के चोक होने से आए दिन गंदा पानी सड़क पर फैल कर परेशानी खड़ा करता है। ऐसी तमाम समस्याओं का निजात लोग खुद की जेब हल्की करके करवा रहे हैं और जिम्मेदार मौज मार रहे हैं। -महेंद्र विश्वकर्मा क्या बोले जवाबदेह

मामला संज्ञान में आया है सफाई अभियान के तहत कार्य कराया जाएगा। अभी पर्याप्त मात्रा में डस्टबिन नहीं हैं जिसके चलते परेशानी आ रही है। -आबिद अली, सफाई निरीक्षक, नपा।

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