भायंदर (सं. भा.)। ईमानदारी जिंदा है, रिक्शा चालक बिपिन भाई पटेल ने इसकी मिसाल पेश की है। अपने रिक्शे में छूट गए गहनों से भरे (५ लाख मूल्य का) बैग को उसने अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) दंपति को लौटा कर अतिथि देवो भव: की भारतीय संस्कृति को जीवंत रखने का कार्य किया है। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कदम ने बताया कि लंदन में रहने वाले अप्रवासी भारतीय एड. जुल्फिकार लकड़ावाला व उनका पत्नी एड.रचना लकड़ावाला किसी शादी में शरीक होने के लिए अंधेरी (मुंबई) में यारी रोड स्थित अपने घर आए हुए हैं।
ईमानदारी की मिसाल की पेश
चार दिन पहले वे अंधेरी लिंक रोड पर इन्फिनिटी मॉल में गए थे। रिक्शे से उतरते वक्त वे गहनों से भरा अपना बैंग भूल गए। रिक्शा चालक बिपिन भाई पटेल यात्री उठाते व छोड़ते हुए काशीमीरा पहुंचे। यहां आने पर उन्होंने देखा कि रिक्शा में किसी का बैग छूट गया है।
वे अपनी दोस्त भूपेंद्र टेलर के साथ बैग लेकर लोकल क्राइम ब्रंच (एलसीबी) की काशीमीरा यूनिट में पहुंचे। बैग खोला गया तो उसमें सोने के गहने थे। बैग में अंधेरी के एक ज्वैलर्स शॉप का विजिटिंग कार्ड था।
उधर एनआरआई दंपति मामला दर्ज कराने जब अंबोली थाने पहुंचा तो उससे गहने की कीमत पूछी गई। यह जानने के लिए वह एनआरआई ज्वेलर्स के पास गया तो उसने बैग काशीमीरा एलसीबी के पास होने के बात उन्हें बताई।


