यह भी दीवाली बीत गई,
वादा करके तुम ना आई।
हम आस लगाये बैठे है,
कैसी है तेरी रुसवाई।।
आँखों में प्यारी सूरत है,
होठों पे मेरे गीत तेरा।
तूँ साजऔर तूँ जीवन है,
तूँ हीं तो है संगीत मेरा।।
हर राह सरल हो जाता है,
जब तुम रहती हो पास मेरे।
हम खुशी खुशी जी लेते है,
जब हम रहते हैं साथ तेरे।।
आकर कुछ पल संग में जीलो,
अंतिम अब यही तमन्ना है।
सावन भादों से बरस रहे,
ब्याकुल मेरें दो नैना है।।
अब रूठो ना आ जाओ भी,
चाहत में हर पल बीत रहा।
रसिया ने सच्चा प्यार किया,
रब कैसा मेरा अतीत रहा।।
गीतकारङ रसियाकुमार


