(स.भा.) कानपुर। इलाहाबाद से दिल्ली होकर उधमपुर जाने वाली इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस में सवार मां बेटी चंदारी रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से कूद गई। शनिवार रात को हुई इस घटना में दोनों ने शोहदों की छेड़खानी से परेशान होकर ऐसा कदम उठाने की बात कही। हालांकि आरपीएफ ने दोनों को मानसिक बीमार बताते हुए उनके आरोप को बेबुनियाद व झूठा बताया है।
हावड़ा निवासी नूरजहां और सोनी कालका एक्सप्रेस से दिल्ली जा रही थीं। हावड़ा से चलते ही ट्रेन में शोहदों द्वारा छेड़छाड़ करने की बात आरपीएफ से की थी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने हावड़ा में ही पकड़ लिया था। शनिवार रात जब ट्रेन फतेहपुर के रसूलाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो दोनों वहां उतर गई। आरपीएफ चौकी पर उन्होंने जवानों को बताया कि उनका बैग कालका मेल में छूट गया है। सूचना पाकर सेंट्रल स्टेशन पर उनके बैग को कानपुर आरपीएफ के जवानों ने उतार लिया। बाद में रसूलाबाद स्टेशन से उन्हें इलाहाबाद- ऊधमपुर एक्सप्रेस में बैठा दिया गया। ट्रेन जब चंदारी स्टेशन पर धीमें हुई तो मां बेटी उस पर से कूद गई जिससे उन्हें मामूली चोट आई। वहां मौजूद आरपीएफ जवान दोनों को सेंट्रल स्टेशन ले आए। मा-बेटी ने आरोप लगाया कि हावड़ा से जब वह कालका एक्सप्रेस में सवार हुईं तभी से ही शोहदे उन्हें परेशान करने लगे। मजबूर होकर हम दोनों रसूलाबाद में ट्रेन से उतरकर उधमपुर एक्सप्रेस में सवार हुई। उनका कहना है कि मनचले भी कालका एक्सप्रेस से उतर गए थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर राममोहन राय ने बताया कि जांच के बाद यह पाया गया कि मा बेटी की मानसिक हालत अच्छी नहीं है। मा -बेटी के साथ सफर कर रहे उनके रिश्तेदारों नजरुल और फारुख से मोबाइल फोन पर बात हुई है। दोनों ने बताया कि वे हावड़ा से साथ चले थे। मां बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नही है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गौरव कृष्ण बंसल का कहना है कि दोनों शोहदे हावड़ा में ही पकड़ लिए गए थे। इसके बाद उनके साथ कहीं कोई घटना की जानकारी नहीं है।


