मुंबई (सं.भा.)। ईश्वर के बाद अगर इस धरती पर एक मरीज और उसका परिवार किसी को भगवान का दर्जा देता है तो वह डॉक्टर है। मरीज की हालत कैसी भी हो परंतु परिजन इसी विश्वास के साथ एक डॉक्टर के पास उसे ले जाते हैं कि वह उसे दोबारा भला चंगा कर देगा। परिजनों की नजर में भगवान समझे जाने वाले यही डॉक्टर अगर मरीज की सेहत के साथ खिलवा़ड करने लगे तो लोग किस पर विश्वास करें। ऐसा ही एक मामला कांदिवली पश्चिम में मनपा द्वारा संचालित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में सामने आया है। यहां एक ७ वर्षीय मासूम के बाए हाथ का ऑपरेशन डॉक्टरों ने ऐसे की है कि उसका हाथ ही टे़ढा हो गया है। मनसे और परिवार वालों के द्वारा अस्पताल प्रशासन पर दबाव डाले जाने पर अब एक बार फिर अमन पांडे (७) के हाथ का ऑपरेशन हड्डी विशेषज्ञ डॉक्टर से कराने का निर्णय लिया है।
बता दें कि बोरीवली में अपने माता -पिता के साथ हंसता खिलखिलाता रहने वाला ७ वर्षीय अमन पांडे के हांथ का उपचार डॉ. अंबेडकर अस्पताल में किया गया। वहां के डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण अमन का दाया हाथ टे़ढा हो गया। जबकि इस ऑपरेशन के लिए उन डॉक्टरों ने अमन की मां के कमर की हड्डी भी लिया था। बेटे की हाथ को लेकर माता पिता ने शिकायत की पर ज्यादा कुछ नहीं हुआ। बाद में इन लोगों ने मनसे से सहायता मांगी। मनसे चारकोप विभाग अध्यक्ष दिनेश सालवी, बोरीवली के विभाग अध्यक्ष प्रसाद कुलपकर, उपविभाग अध्यक्ष कुणाल मायंगकर ने अस्पताल प्रशासन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद डॉ. अंबेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. प्रदीप आग्रे ने कुशल हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से दोबारा ऑपरेशन कराए जाने का अश्वासन दिया है। अमन के हाथ का ऑपरेशन २०१६ में किया गया था।


