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Homeउत्तर प्रदेशप्रशासन की सख्ती पर भी हाईवे से न हिले 'यमदूत'

प्रशासन की सख्ती पर भी हाईवे से न हिले ‘यमदूत’

उन्नाव (सं.भा.)। डीएम और कप्तान की चेतावनी का भी मातहतों पर असर नहीं है। हाईवे किनारे खड़े होकर मौत बांट रहे वाहनों को हटाने के निर्देश अभी तक कागजों पर ही रेंग रहे हैं। अजगैन पुलिस ने जरूर होटल, ढाबों के सामने नो पार्किग का बोर्ड लगाया। जो आदेश मिले थे उन्हें होटल, ढाबा संचालकों तक पहुंचा चुप्पी साध ली। रविवार को जागरण प्रशासन के असर की पड़ताल की तो हाईवे पर मखौल उड़ता दिखा। अचलगंज थाना क्षेत्र के आजाद मार्ग और गहरा से सदर कोतवाली के गदनखेड़ा बाईपास तक सड़क किनारे दोनों छोर पर लाइन से ट्रक खड़े मिले।
सड़क हादसों में मौत के बढ़ते ग्राफ पर शासन गंभीर हुआ तो डीएम-एसपी ने हादसों को रोकने की कार्य योजना तैयार की। सर्वाधिक हादसे हाईवे पर होने की बात सामने आने पर दोनों अधिकारियों ने पुलिस और एआरटीओ को सक्रिय रहने की हिदायत दी। कप्तान ने हाईवे पर होटल, ढाबों के सामने सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों को हटाने के निर्देश जारी किए। पुलिस को बताया गया कि सभी होटल, ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों को नोटिस देकर यह बता दिया जाए कि प्रतिष्ठान के सामने हाईवे पर वाहन खड़ा मिला तो कार्रवाई की जाएगी। जिस थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े वाहनों से हादसे से किसी की मौत होगी, वहां के हल्का और चौकी प्रभारी के साथ एसओ पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इसके बाद भी सुधार होता नहीं दिखा। पूरे दिन पुलिस का आवागमन होने के बाद भी वाहनों को सड़क किनारे से हटाने के प्रयास नहीं किए गए। कप्तान के निर्देशों पर मातहतों ने कितना अमल किया, रविवार को जब इसकी पड़ताल की गई तो नजारा चौंकाने वाला दिखा।
इन जगहों पर खड़े मिले वाहन
हाईवे पर अचलगंज थाना क्षेत्र के गहरा के पास ढाबा के सामने सड़क किनारे लाइनवार ट्रक खड़े मिले। नरी के पास एक ट्रक सड़क किनारे खड़ा मिला, जिसमें लोहे एंगल बाहर निकले थे। इसी तरह गदनखेड़ा के पास अमर हाईवे पेट्रोल पंप के सामने मौरंग, गिट्टी से भरे ट्रक सड़क किनारे खड़े मिले।
सुबह सड़क पर ही लगती मौरंग मंडी
हाईवे पर शिवसिंहखेड़ा से गदनखेड़ा फिर अजगैन से सोहरामऊ के बीच भोर पहर 4 बजे से मौरंग मंडी लगती है। यह सुबह 8 बजे तक चलती है। मौरंग, गिट्टी और बालू से भरे ट्रक बेतरतीब ढंग से हाईवे पर सड़क किनारे बिक्री को खड़े होते है। सप्लायर के इशारे पर ट्रक वहां से निकलते हैं। जिनका भाव नहीं लगता वह घंटो सड़क पर ही खड़े होकर मौत को दावत देते हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन को भी दी गई थी जिम्मेदारी
वाहनों को सड़क से हटाने के लिए एआरटीओ प्रवर्तन को भी जिम्मेदारी दी गई थी। अजगैन पुलिस ने तो कुछ काम किया पर एआरटीओ ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। एआरटीओ प्रवर्तन मनोज वर्मा ने बताया कि डीएम द्वारा निर्देश मिलने के बाद होटल, ढाबों के सामने खड़े ट्रकों को हटाने के लिए टीम ने 29 ट्रकों का चालान किया और 7 लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया। बीच में चुनाव पड़ने से अभियान को गति नहीं दी जा सकी। सोमवार से अभियान पुन: जारी किया जाएगा।

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