ठाणे (सं. भा.)। बरसात ने ठाणे शहर में पिछले कुछ दिनों में काफी कहर ढाया है। बरसात के दौरान केवल १० दिन के भीतर ही १६ घरों की दीवारें गिर पड़ीं। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के आधार पर ऐसे ही २ लाख झोपड़े ठाणे शहर में उपस्थित हैं। जिन पर आनेवाले दिनों में आसमानी संकट अपना कहर ढा सकती हैं।
बता दें कि आए दिन मुंब्र, दिवा, कलवा और घोडबंदर आदि स्थानों पर जिसे जैसे मिलता हैं। वह वैसे ही अवैध निर्माण कर घर बनाकर बेचना शुरु कर देता हैं। केवल कम पैसों में मिल रहे ऐसे घरों को खरीदनेवालों की कतार लगी होती है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इन अवैध निर्मित घरों की दीवारें बहुत ही कमजोर होती हैं। इन अवैध निर्माणों पर ठाणे मनपा अधिकारियों की नजर ना पड़ जाए इसलिए इन अवैध निर्माणों को इतनी तेज गति से तैयार किया जाता है कि दिवारों में लगनेवाली जरुरी सामग्रियों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता। दीवारों को झटपट तैयार करने के लिए दिवारों में केवल इर्ट और रेती का इस्तेमाल कर दिवार खड़ी कर दी जाती है। इन दीवारों में केवल इर्ट और बहुत कम मात्रा में रेताr का इस्तेमाल किया गया होता है।
मनपा के सर्वे में हुआ खुलासा
ठाणे मनपा के अतिक्रमण व्यवस्थापन कक्ष द्वारा किए गए एक सर्वे में पाया गया हैं कि ऐसी दीवारों से बने ठाणे मनपा अंतर्गत कुल २ लाख झोपड़ों का समावेश हैं। पिछले कुछ दिनों में बरसात सहित हवाओंके तेज बहाव ने कई दिवारों को नेस्तनाबूत कर तबाह कर दिया हैं। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मिली जानकारी के आधार पर ठाणे जिले में धमाकेदार बारिश के कारण ठाणे शहर में १ जुलाई के बीच कुल १६ दिवारों के गिरने की शिकायत आपदा प्रबंधन विभाग में दर्ज की गई हैं।


