मुंबई (संवाददाता)। मनपा अस्पतालों, दवाखानों एवं स्वास्थ्य वेंञ्ज्द्रों के डॉक्टर मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर्स से विशिष्ट कंपनियों की दवा लेने की सिफारिश करते हैं, जो काफी मंहगी होती है। जिससे गरौब मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ता है। मनपा अस्पतालों के डॉक्टर केवल जेनेरिक दवाओंका नाम लिख कर देने पर मुंबई मनपा विचार कर रही है। इस संदर्भ में भाजपा कि नगरसेविका संगिता ज्ञानमुर्ति शर्मा ने प्रस्ताव तैयार कर मनपा सदन में पेश किया है, जिस पर आगामी २३ अप्रैल को चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
२३ को प्रस्ताव पर चर्चा कर निर्णय
मुंबई मनपा ४ प्रमुख अस्पतालों के अलावा १८ उपनगरीय अस्पतालों, ५ विशेष अस्पतालों, १०० से अधिक दवाखानों का संचालन करती है। अस्पतालों एवं दवाखानों में मनपा की तरफ से मरीजों को मुप़त दवाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। जो दवाएं मनपा अनुसूची में शामिल नहीं हैं उन दवाओंको बाहर से लाने के लिए डॉक्टर पर्ची लिखते हैं। जो विशिष्ट कंपनियों की होती हैं। मनपा में पेश किये गए प्रस्ताव में संगीता शर्मा ने कहा है कि देश के राष्ट्रपति एंव प्रधानमंत्री जेनेरिक दवाओंको बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं, इसको ध्यान में रखते हुए मनपा के सभी डाक्टरों को निर्देश दिया जाना चाहिए की वे केवल जेनेरिक दवाओंका नाम लिख कर दें। विशिष्ट कंपनियों का नहीं।


