फतेहपुर (सं. भा.) : कभी आग बरसती धूप तो कभी बूंदाबांदी से लुढका पारा बीमारी को बढ़ा रहा है। जिला अस्पताल में डायरिया के साथ लीवर-पीलिया में इंफेक्शन व वायरल फीवर के मरीज बढ़ते जा रहे है। चिकित्सकों का मानना है कि मौसम के उतार-चढ़ाव में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला चिकित्सालय के पुरुष अस्पताल का 118 वार्ड के बेडों में दर्जनों मरीज बुखार व डायरिया के भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। डायरिया के प्रकोप से सावित्री देवी -आवास विकास कालोनी, अंसार अहमद – अमरजई, हसनैन -आबूनगर कोतवाली, दीप्ति साहू -हुसेनगंज, मिथलेश कुमारी-रसूलपुर भभैया, थरियांव, नूरबानो पत्नी मो. सलीम -महाजरी, रुकसार -अली सरांय कोतवाली, प्रिया समेत दर्जनों मरीज भर्ती हुए। हालात यह है कि वार्डों में उल्टी दस्त से मरीजों के शरीर में पानी की कमी होने पर ग्लूकोज चढ़ाकर पानी की कमी दूर की जा रही है। वहीं तेज धूप व दूषित खानपान की वजह से पेट दर्द, सिर दर्द, बुखार व पीलिया से भी पीड़ित मरीज उपचार करा रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. मूलचंद्र का कहना था कि गर्म हवाओं में लू के थपेड़े शुरू हो गए हैं इसलिए बच्चों को दोपहर में धूप में न निकलने दें। बासी भोजन का सेवन न करें और पानी उबालने के बाद ठंडाकर पिए। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें क्योंकि हल्की बारिश की वजह से मच्छरों का प्रकोप अब बढ़ेगा।
फिजिशियन डा. अरविंद सचान का कहना था कि पाइरेक्सिया, पीलिया व डायरिया दूषित भोजन करने एवं लापरवाही बरतने से हो रहा है। इसलिए रात का भोजन हल्का करें। कहा कि तेज धूप में दोपहर को निकलें तो सूती कपड़े से सिर व कान ढककर निकलें। सीएमएस डा. हरगो¨वद सिंह का कहना था कि दवाएं पर्याप्त हैं और मरीजों के लिए अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था भी करा दी गई है।


