सरकारी स्कूलों के छात्र किसी से कम नहीं, शिंदे ने बढ़ाया विद्यार्थियों का हौसला
ठाणे, (सं.भा.) नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन ठाणे महानगरपालिका स्कूल क्रमांक-23 में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि वह स्वयं इसी स्कूल के छात्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज छात्रों को आधुनिक इमारत, बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, लेकिन सफलता के लिए सबसे जरूरी जिद, मेहनत और आत्मविश्वास है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।
शिंदे ने कहा कि महानगरपालिका, जिला परिषद और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कभी हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर का उदाहरण देते हुए कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग भी देश और दुनिया में बड़ी पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि माता-पिता जन्म देते हैं, लेकिन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और संस्कार देने का काम शिक्षक करते हैं। शिक्षकों को पहली और आखिरी बेंच पर बैठने वाले सभी विद्यार्थियों पर समान ध्यान देना चाहिए तथा सरल भाषा में पढ़ाई कर छात्रों में शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करनी चाहिए।
इस अवसर पर महापौर जर्मिला पिंपळोलकर, आयुक्त सौरभ राव, अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी, मुख्याध्यापक दीपक मोराळकर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित थे। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।


