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वसई-विरार की सड़कों पर बने गड्ढे बने जान के दुश्मन!

  • सड़क बनाने में घटिया सामग्री के उपयोग का नागरिकों ने लगाया आरोप

विरार (सं. भा.) वसई-विरार की खस्ताहाल सड़को पर सफर करना वाहनचालको के साथ ही आम नागरिको के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। मॉनसून में तो वैसे भी तेज बारिश में सड़कों पर बने गड्ढों से लोगों की दिक्कते बढ़ जाती है, लेकिन यहां की सड़कें हर साल ठेकेदारो के घटिया कार्यों की गवाही देती नजर आती हैं। अभी मॉनसून शुरू ही हुआ है कि शहर की कई प्रमुख सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं जो लोगों के जन के दुश्मन बने हैं। दो दिन पहले विरार पश्चिम में जकात नाका के पास गड्‌ढे में गिरने से एक शिक्षिका की मौत हो गई थी। गड्डों के कारण आए दिन बाइक चालक घायल हो रहे हैं। प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद गड्ढों को भरने का काम शुरू नहीं किया गया। स्थानीय नागरिको ने आरोप लगाया कि घटिया दर्जे से बनाई गईं सड़कें चार से छह महीने में ही टूट जाती है।
बता दे कि मुंबई-अहमदाबाद हाइवे से लेकर नायगांव, वसई, नालासोपारा और विरार की सड़को पर पहली ही बारिश मे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। शनिवार को हुई तेज बारिश ने सड़को की हालत और भी खराब कर दी है। सड़को पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जो जानलेवा साबित हो रहे है। नालासोपारा स्टेशन से हाइवे को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। गड्ढों की वजह से रिक्शा चालको ने इस रोड पर रिक्शा चलाना बंद कर दिया है। रिक्शा चालक विनय कुमार ने बताया कि गड्ढों की वजह से स्टेशन परिसर में भारी ट्रैफिक जाम लगता है, ऑटो रिक्शा की हालत भी खराब हो जाती है। हर रोज कुछ न कुछ काम कराने के लिए उन्हें गैरेज में जाना पड़ता है। दिनभर जितना कमाते हैं, वह ऑटो की मरम्मत पर खर्च हो जाते हैं।


एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि हालाकि शिकायत मिलने पर प्रशासन की ओर से सड़क की मरम्मत कराई जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति जस की तस हो जाती है। वसई पश्चिम के वर्तक कॉलेज के सामने वाली सड़क को मॉनसून शुरू होने से पहले ही कंक्रीट से बनाया गया था। करोड़ों रुपये का बजट आवंटित हुआ था, भारी भरकम रकम खर्च की गई, लेकिन दो दिन की बारिश में ही इस सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देने लगे है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने घटिया दर्जे से सड़क बनाई है। सड़क बनाने के 15 दिनों में ही यह सड़क टूटने लगी। पूर्व नगरसेवक पंकज पाटील ने कहा कि हाइवे जाने वाले मुख्य मार्ग पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि रात के समय अंधेरे में वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। पाटील ने मनपा के सार्वजनिक बाधकाम विभाग को पत्र देकर जल्द से जल्द गड्डों को भरने की मांग की है।

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