- कवायद हुई तेज
मुंबई (सं. भा.) : मरीजों को बाहर से दवाई न खरीदनी पड़े इसको लेकर मनपा प्रशासन ने जीरो प्रिस्किप्शन पॉलिसी लागू करने की घोषणा लगभग 9 महीने पहले की थी। इतना समय बीत जाने के बावजूद यह पॉलिसी लागू नही कर पाई। अब मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा संचालित अस्पतालों में जीरो प्रिस्क्रिप्शन लागू करने की कवायद तेज हो गई है। मनपा प्रशासन ने इस पॉलिसी को लागू करने में आ रही संसाधनों और कर्मचारियों की कमी को तत्काल दूर करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया है। इसके तहत प्रशासन पहले अस्पतालों और केंद्रीय खरीदी विभाग (सीपीडी) में रिक्त पड़े फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा। इसके अलावा दवाई खरीदने के लिए 15 सितंबर तक लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी करने का निर्देश भी दिया गया है। मनपा अस्पतालों में इलाज के लिए आनेवाले मरीजों को बहार से दवाई नहीं खरीदनी पड़े, इसके लिए मनपा प्रशासन ने जीरो प्रिस्क्रिप्शन पॉलिसी लागू करने की घोषणा की थी। घोषणा के 9 महीने के बाद भी यह पॉलिसी लागू नहीं हो पाई है। अब मनपा प्रशासन इस नीति को जल्द से जल्द लागू करने में जुटा हुआ है। इस संदर्भ में शुक्रवार को मनपा मुख्यालय में एक मैराथन बैठक हुई। इस बैठक में सभी अस्पतालों के डीन सहित केंद्रीय खरीदी विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में अतिरिक्त मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने जीरो प्रिस्क्रिप्शन पॉलिसी से संबंधित आने वाली अड़चनों की जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने पॉलिसी से जुड़े आवश्यक सभी मुद्दों को तुरंत हल करने का निर्देश संबंधित विभाग को दिया है।

मनपा के बड़े अस्पतालों में एमआरआई मशीन की कमी की वजह में मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई प्रमुख अस्पतालों में मरीजों को एमआरआई जांच के लिए चार-चार महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। इन मशीनों की खरीदारी की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। इसके चलते आनेवाले कुछ महीनों में यह भी समस्या सुलझ जाएगी।


