प्रमोद कुमार
डोंबिवली (सं.भा.): देशभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए डोंबिवली में देशप्रेम और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। डोंबिवली जिमखाना परिसर में रंग-बिरंगी रोशनी और दीयों से भारत माता की भव्य मोजैक कलाकृति तैयार की गई, जिसने न सिर्फ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि विश्व रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया।
डोंबिवली, जिसे पहले से ही सांस्कृतिक नगरी के रूप में जाना जाता है, ने इस आयोजन के माध्यम से अपनी पहचान को और मजबूत किया। सांस्कृतिक परिवार, डोंबिवली (महाराष्ट्र) की ओर से आयोजक अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के नेतृत्व में इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े अधिकारियों द्वारा इस कलाकृति को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता देने की घोषणा की गई।
इस ऐतिहासिक पहल के तहत 25 लाख से अधिक रंग-बिरंगे दीयों का उपयोग कर 95 फीट ऊंची और 75 फीट चौड़ी भारत माता की विशाल मोजाइक कलाकृति बनाई गई। इस अद्भुत कलाकृति को चेतन राउत, वैभव प्रभु काप्से और डोंबिवली की कलाकार टीम ने मिलकर मात्र नौ दिनों में साकार किया। यह रचना देशभक्ति, कला और सामूहिक प्रयास का प्रतीक बनकर उभरी। आयोजकों का कहना है कि यह पहल न केवल भारत के विश्व रिकॉर्ड इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि डोंबिवली शहर के लिए भी गर्व का विषय है। इसी अवसर पर ‘डोंबिवलीकर उत्सव विशेष अंक 2025’ का भी प्रकाशन किया गया।
कार्यक्रम में भारत विकास ग्रुप सूर्या लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हनुमंत गायकवाड़, वर्ल्ड्स रिकॉर्ड इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी, डोंबिवली जिमखाना एवं महोत्सव समिति के अध्यक्ष दिलीप भोइर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस भव्य आयोजन को देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।


