मुंबई (सं.भा.): महानगर मुंबई में बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बावजूद आए दिन सामने आ रही घटनाएं समाज और व्यवस्था—दोनों के लिए गंभीर चेतावनी हैं। कांदिवली पूर्व के क्रांति नगर इलाके में नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मासूमों की सुरक्षा कितनी सुरक्षित है। भरोसे की आड़ में पनपते अपराध अब समाज की सबसे कमजोर कड़ी को निशाना बना रहे हैं।
कुरार पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिनेश महादुललाल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी क्रांति नगर इलाके में ‘भोलेनाथ डेरी’ नाम से आइस्क्रीम की दुकान चलाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित नाबालिग लड़की अक्सर उसकी दुकान पर जाती थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे आइस्क्रीम और अपनापन दिखाकर भरोसे में लिया और धीरे-धीरे प्रेम जाल में फंसा दिया। आरोपी ने इस भरोसे का फायदा उठाते हुए नाबालिग के साथ कई बार यौन शोषण किया। काफी समय बाद जब नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, तब इस जघन्य अपराध का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने हिम्मत जुटाकर कुरार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 8 और 12 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पहले भी किसी और नाबालिग को अपना शिकार तो नहीं बनाया।
इस घटना ने न सिर्फ इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, बल्कि समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों के आसपास मौजूद लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।


