- धर्म गुरुओं के अलावा पूर्व मंत्री असलम शेख हुए शामिल
मुंबई (सं. भा.) : राम नवमी के अवसर पर मालाड पश्चिम के मालवणी इलाके में निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान दो संप्रदाय के बीच दंगे का माहौल निर्माण हुआ था। इस मामले में मालवणी पुलिस द्वारा एक संप्रदाय के दो दर्जन के करीब लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की है। मालवणी पुलिस किसी दबाव में न आए और दंगाई किसी भी संप्रदाय से जुड़ा हो उसके खिलाफ पुलिस उचित कार्रवाई करे। इसी को लेकर शनिवार 15 अप्रैल को मालवणी में मूक मोर्चा निकाली गई जिसमें विभिन्न धर्म के धर्म गुरु, पूर्व मंत्री असलम शेख सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मोर्चा मालवानी गेट नंबर 7 से निकाला गया। इस मूक मोर्चे में हज़ारों की संख्या में शामिल सभी धर्म व समुदाय के लोगो ने हाथ मे तिरंगा लेकर अमन और शंति का पैगाम दिया। इस मौके पर मालवानी के कांग्रेस विधायक असलम शेख भी मौजूद रहे। विधायक असलम शेख ने बताया कि 93 के बाद मुंबई मालवानी में अबतक कोई दंगा नही हुए लेकिन बीते 2 सालों से कुछ लोगों द्वारा मालवानी में दंगा भड़काने की कोशिश की जा रही है। असलम शेख का मानना है कि मालवानी के लोग ऐसे नही है, यहां के लोग शांति चाहते है लेकिन कुछ लोग बाहर से आकर यहां दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे समाज कंटकों के खिलाफ पुलिस को उनपर कानूनी कार्यवाई करनी चाहिए।

पूर्व मंत्री असलम शेख ने यह भी कहा कि मुंबई पुलिस देश की नंबर 1 पुलिस है, मगर कुछ लोगों द्वारा उनपर लाठियां बरसाई गई, उन्हें धक्का मारे गए यह बिल्कुल गलत है। ऐसे लोगो पर कार्यवाई होनी ही चाहिए । असलम शेख ने बताया कि पुलिस के सामने हमने चार मांगे रखी हैं।
जिसमे पहली मांग है कि जो लोग भी मालवाणी में बाहर से आकर कोई रैली या शोभायात्रा निकालता है तो उन लोगों की जानकारी पुलिस को देनी चाहिए। मालवानी में दंगे भड़काने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई होनी चाहिए,वही मालवानी पुलिस को बिना किसी दबाव के दंगाइयों पर कार्रवाई करनी चाहिए। मालवानी में शान्ती अमन कायम रखने के लिए निर्दोष लोगों पर कार्यवाई बंद होना चाहिए।


