नालासोपारा (सं.भा.): वसई–विरार महानगरपालिका चुनाव में इस बार युवाओं ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। बहुजन विकास आघाडी की प्रत्याशी प्रदीपिका सिंह ने 22 वर्ष की उम्र में जीत हासिल कर नगरसेविका बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी जीत को क्षेत्र की राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। प्रभाग क्रमांक 8 से चुनाव लड़ रहीं प्रदीपिका सिंह ने महायुति के शिंदे गुट की उम्मीदवार कल्याणी किरण पाटील को करीब चार हजार मतों के अंतर से पराजित किया। प्रदीपिका को कुल 13,900 वोट मिले। कम उम्र के बावजूद मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया, जिसका असर मतगणना के दौरान साफ दिखाई दिया।
प्रदीपिका सिंह बहुजन विकास आघाडी की सबसे कम उम्र की प्रत्याशी थीं और इस जीत के साथ ही उन्होंने वसई–विरार महानगरपालिका में सबसे कम उम्र की नगरसेविका बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनकी जीत से खासकर उत्तर भारतीय मतदाताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर इलाके की रहने वाली प्रदीपिका सिंह संयुक्त परिवार में रहती हैं। उनके दादा प्रदीप सिंह पिछले 26 वर्षों से बहुजन विकास आघाडी से जुड़े हुए हैं और सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। राजनीतिक अनुभव और संगठन की जमीन पर पकड़ का लाभ इस चुनाव में उन्हें मिला।
यह मुकाबला बहुजन विकास आघाडी के लिए आसान नहीं माना जा रहा था। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद संगठन दबाव में था, जबकि महायुति क्षेत्र में मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी। प्रभाग स्लम बहुल होने के साथ-साथ पिछले विधानसभा चुनाव में महायुति की बढ़त वाला इलाका रहा है, इसके बावजूद प्रदीपिका सिंह ने बढ़त बनाए रखते हुए जीत दर्ज की। प्रदीपिका सिंह वर्तमान में BHMS की पढ़ाई कर रही हैं। जीत के बाद उन्होंने कहा कि वे प्रभाग में सड़क, पानी, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देंगी तथा जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगी।


