मुंबई (सं.भा.): हर मानसून में जलभराव के कारण सुर्खियों में रहने वाला अंधेरी सबवे अब स्थायी समाधान की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 197 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत दावा किया गया है कि 55 मिमी तक की बारिश में भी सबवे में पानी जमा नहीं होगा।
विधानसभा में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि अंधेरी पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला यह सबवे अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन हर साल भारी बारिश के दौरान यहां पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। इसके समाधान के लिए BMC को विशेष ड्रेनेज योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने सदन में जानकारी दी कि सबवे के समीप स्थित नाले को गहरा और चौड़ा किया जा रहा है। साथ ही अत्याधुनिक पंपिंग सिस्टम और उन्नत जलनिकासी तंत्र विकसित किया जाएगा। यह प्रस्ताव मुरजी पटेल द्वारा ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, सबवे निचले भूभाग में स्थित है और इसके ऊपर पश्चिम उपनगरीय रेलवे लाइन गुजरती है, जिससे संरचनात्मक बदलाव करना आसान नहीं है। ऐसे में BMC तकनीकी रूप से मजबूत ड्रेनेज नेटवर्क विकसित कर रही है, ताकि मध्यम स्तर की बारिश में जलभराव की समस्या समाप्त हो सके।
इसी के साथ गोखले ब्रिज का नवीनीकरण कार्य पूरा हो चुका है और भारी बारिश की स्थिति में ट्रैफिक को वैकल्पिक रूप से वहां डायवर्ट किया जाएगा। हर साल मानसून में जलभराव से जूझने वाले मुंबईकरों को अब इस 197 करोड़ की BMC परियोजना से बड़ी राहत की उम्मीद है।


