- आजादी के 75 साल बाद कांदिवली सशत्र सेना चिकित्सा डिपो को मिला हिंदी राज भाषा सम्मान
मुंबई (सं. भा.) : ‘कौन कहता है आसमां में छेद नही हो सकता जरा एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों’ यह कहावत कांदिवली स्थित सशत्र सेना चिकित्सा डिपो के प्रमुख ब्रिगेडियर अरविंद सिंह पर सटीक बैठता है। डिपो की कमान जब से ब्रिगेडियर अरविंद सिंह ने संभाली है तभी से यहां हिंदी की मीठी और सोंधी बयार बहनी शुरु हुई। परिणाम स्वरुप कांदिवली सशत्र सेना चिकित्सा डिपो को आजादी के 75 साल बाद हिंदी राज भाषा से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ है। महानिदेशक सशत्र सेना चिकित्सा सेवा, नई दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ब्रिगेडियर अरविंद सिंह ने राज भाषा ट्रॉफी ग्रहण किया। यह पुरस्कार कितना महत्व रखता है यह इसी से पता चलता है कि हिंदी राज भाषा पुरस्कार का मूल्यांकन डीजी कार्यालय के अधीन आने वाले सभी कार्यालयों में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम व कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है।

बता दें कि राज भाषा ट्रॉफी पुरस्कार पाने से प्रफुल्लित ब्रिगेडियर अरविंद सिंह ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा भले ही नही मिला हो राज भाषा का दर्जा तो जरुर मिला है। ब्रिगेडियर सिंह ने उम्मीद जताई कि भविष्य में हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा जरुर प्राप्त होगा। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कांदिवली सशत्र सेना चिकित्सा डिपो को वर्ष 2021 से 2022 के दौरान राज भाषा हिंदी के कार्यान्वयन में किए गए उत्कृष्ठ कार्य के लिए दिया गया है।


