विरार (सं. भा.) वसई-विरार में बिल्डरों द्वारा किए गए फर्जीवाड़े के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को जहां पुलिस ने सात लोगों पर मामला दर्ज किया था, वहीं शुक्रवार को वसई व विरार में और 25 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए। फर्जीवाड़े पर चल रही मनपा व पुलिस की कार्रवाई से बिल्डरों में हंडकप मचा हुआ है। दो दिन में जिन 32 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए, उन्होंने फर्जी दस्तावेज से कई इमारतें खड़ी कर दी हैं। इनमें तीन आरोपी जेल में बंद हैं। पिछले दिनों विरार पुलिस ने बिल्डरों के जिस फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, उसमें अब और मामले बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को विरार पुलिस स्टेशन में और छह बिल्डरों व जमीनों के मालिकों पर फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया गया। आरोप है आरोपियों ने विरार पूर्व मनवेलपाडा स्थित सर्वे क्रमांक 141 में चार मंजिला गुरुकृपा अपार्टमेंट नामक इमारत में दो विंग फर्जी दस्तावेज से बनाकर ग्राहकों व प्रशासन के साथ धोखाधड़ी की है। सहायक आयुक्त सुरेश हरेश्वर पाटील की शिकायत पर सुदर्शन डिवेलपर्स के मालिक निजामुद्दीन अहमद पटेल, जमीन मालिक सन्जावं आलेस लोप, तेरेस फ्रांसिस लुद्रिक, मयूर इंटरप्राइजेस के मालिक मछिंद्र मारुति व्हनमाने, दिलीप अनंत अड़खले, प्रशांत पाटील व देवेंद्र केशव माजी पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं शुक्रवार को विरार पुलिस स्टेशन में परशुराम भोईर, म किशोर भास्कर पाटील, वसंत मोरेश्वर यंदे, प्रकाश मोरेश्वर यंदे, हरिश्चंद्र पाटील, मनोज रामचंद्र राऊत, राजेंद्र रामचंद्र वणे, जिंतेंद्र सी ठाकुर, विजु चव्हाण, सूर्यकांत देशमुख, मछिंद्र मारुति व्हनमाने, दिलीप अनंत अडखले, प्रशांत पाटील आदि पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।



