रिक्टर स्केल पर 4.7 रही तीव्रता
नई दिल्ली(स भा)। भारत के अंडमान सागर इलाके में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई। भूकंप सुबह करीब 6 बजकर 29 मिनट पर आया। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि, अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अंडमान सागर क्षेत्र में 10.88 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.24 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप के झटके हल्के होने के कारण किसी बड़े नुकसान की आशंका कम बताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए यहां समय-समय पर भूकंप के झटके आते रहते हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
इधर, देश और पड़ोसी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से धरती की थरथराहट लगातार चिंता बढ़ा रही है। जम्मू-कश्मीर भी बीते दिनों से भूकंप की दहशत झेल रहा है। 20 जून को जम्मू-कश्मीर में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र जम्मू क्षेत्र के कटरा से करीब 80 किलोमीटर दूर जमीन के 10 किलोमीटर भीतर था। हालांकि, इस झटके से भी किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील ज़ोन-4 और ज़ोन-5 में आता है, जिस वजह से वहां बार-बार झटके महसूस होते रहते हैं।
इसी दौरान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भी 21 जून को 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र खुज़दार इलाके में जमीन के 30 किलोमीटर नीचे था। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, कई मकानों में दरारें आईं और कुछ स्थानों पर हल्की तबाही भी हुई, हालांकि किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले 3-4 दिनों में भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे के भूकंप लगातार दर्ज किए जा रहे हैं। 19 जून को असम के बोंगाईगांव क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसी दिन नेपाल में भी 4.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय बेल्ट, हिंद महासागर क्षेत्र और दक्षिण एशिया की भूकंपीय प्लेटों में लगातार हलचल बनी हुई है। हालांकि, अब तक किसी बड़े भूकंप की संभावना पर कोई स्पष्ट चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। छोटे-छोटे झटके अक्सर बड़े भूकंप की ऊर्जा रिलीज़ करते हैं और यह एक तरह से राहत का संकेत भी हो सकता है। बावजूद इसके, घनी आबादी वाले इलाकों में लगातार आ रहे झटकों से लोग चिंतित हैं।
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी रखें।


