1 लाख कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग
मुंबई (स भा): महाराष्ट्र खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्य भर के होटल-रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक लाख कर्मचारियों को सफाई के गुर सिखाने का फैसला किया है। जांच में पता चला है कि कई होटल फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुसार साफ-सफाई नहीं करते, जिससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
होटलकर्मियों को दी जाएगी ‘फोस्टेक ट्रेनिंग’
राज्य में कुल 11.29 लाख फूड बिजनेस ऑपरेटर हैं, जिनमें रेस्टोरेंट, होटल और अन्य फूड आउटलेट्स शामिल हैं। इन सभी में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए एफडीए होटलों में खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों को ‘फोस्टेक ट्रेनिंग’ देगा। एफडीए आयुक्त राजेश नार्वेकर ने बताया कि 100 दिन के एक कार्यक्रम के तहत अब तक 36,000 होटलकर्मियों को फूड सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस वित्त वर्ष में एक लाख कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि जो होटल और रेस्टोरेंट इसका खर्च नहीं उठा सकते, उनके कर्मचारियों को सीएसआर निधि से ट्रेनिंग दी जाएगी।
नियमों की अनदेखी से बढ़ रही है समस्या
राजेश नार्वेकर ने बताया कि होटलों में सफाई के नियम तय हैं, लेकिन उनकी अनदेखी आम है। कहीं किचन गंदा रहता है, तो कहीं कचरे के डिब्बे खुले रहते हैं। कर्मचारी ग्लव्स और कैप पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं करते। शेफ के लिए एप्रन अनिवार्य है, लेकिन उसका भी ध्यान नहीं रखा जाता। इसके अलावा, स्टाफ की मेडिकल रिपोर्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट भी जरूरी है, जिससे यह पता चल सके कि कर्मचारी किसी संक्रामक रोग से पीड़ित तो नहीं है।
राजेश नार्वेकर ने यह भी कहा कि “एफएसएसएआई ने होटल के लिए कुछ मानक तय किए हैं। अधिकांश होटल इनका पालन नहीं करते हैं। जांच के दौरान जिन होटलों में भी सफाई की कमी दिखती है, उन्हें हम ‘स्टॉप वर्क’ का नोटिस जारी करते हैं।”


