मुंबई (सं. भा.) : राज्य सरकार द्वारा संचालित कामा ऐड अलब्लेस अस्पताल ने महिलाओं से संबंधित बीमारी का इलाज अब मुफ्त में होगा। कमा अस्पताल में यूरोगायनेकॉलजी और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के लिए एक अलग विभाग शुरू किया जा रहा है। इस तरह का स्वतंत्र विभाग शुरू करने वाला कामा अस्पताल राज्य का एकमात्र अस्पताल होगा।
कामा अस्पताल में इस विभाग को बनाने के लिए कई वर्षों से प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. तुषार पालवे ने कहा कि पहले अस्पताल में यूरोगायनेकॉलजी से संबंधित बीमारी का इलाज यहां के गायनेकॉलजिस्ट करते थे। यूरोगायनेकॉलजी और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के लिए यहाँ बहुत कम सर्जन है। इसी के चलते मरीजों को यूरोगायनेकॉलजिकल स्थितियों के इलाज के लिए कई डॉक्टरों से परामर्श करना पड़ता था, लेकिन कामा अस्पताल के प्रयासों से अब यह सब आसान हो जाएगा।
रेडियोथेरपी भवन में बनेगा विभाग अस्पताल में रेडियोथेरपी भवन के ग्राउंड प्लस वन में यूरोगायनेकॉलजी विभाग होगा। इस विभाग का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग की अनुमति से किया जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी सिटीसटेक हेल्थकेयर टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। आवश्यक उपकरणों को ताज लोक सेवा कल्याण ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

राज्य के सरकारी अस्पताल में पहली बार लाखों का इलाज मुफ्त में होगा
खर्चीला है इलाज
यूरोगायनेकॉलजिकल और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी निजी अस्पतालों में बेहद महंगा होता है। इसके लिए लाखों रुपये खर्च करना पड़ता है, लेकिन कामा अस्पताल में यह इलाज मुफ्त में होगा। यूरोगायनेकॉलजी एक नया विभाग है, हालांकि इसे वर्षों पहले शुरू किया गया था। इन सर्जरी को करने के लिए देश में बहुत कम सर्जन उपलब्ध हैं। शुरू में रोगी को यूरोगायनेकॉलजिकल स्थितियों ‘के इलाज के लिए कई डॉक्टरों से परामर्श करना पड़ता था। कामा अस्पताल के प्रयासों से अब यह सब आसान हो जाएगा। इस विभाग का नेतृत्व डॉ. अपर्णा हेगडे करेंगी, जिन्हें यूरोगायनेकॉलजी के क्षेत्र में पर्याप्त अनुभव है।
सर्जरी की सुविधा
डॉ. पालवे ने कहा कि इस विभाग के जरिए महिलाओं के परिनरी ट्रैक्ट इफेक्शन एवं उससे संबंधित सर्जरी की जाएगी। इसके अलावा यूरोगायनेकॉलजी विभाग में कुछ खास सर्जरी की जाएंगी, जिनका फायद आम मरीजों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का उपचार सरकारी अस्पताल में मुफ्त मिलना एक बड़ा कदम है। उन्होंने इस विभाग को शुरू करने के लिए मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर गिरीश महाजन का आभार जताया है।
क्या है यह बीमारी
डॉ. पालवे ने बताया कि यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन एक आम बीमारी है, जो ज्यादातर महिलाओं में पाई जाती है। यह बीमारी तब होती है, जब वायरस यूरीन सिस्टम को संक्रमित कर देते हैं। इसका असर किडनी, ब्लैडर और इन्हें जोड़ने वाली नलिकाओं पर भी पड़ता है। वैसे तो यूटीआई बीमारी आम है, लेकिन ध्यान न दिया जाए, तो इसका इफेक्शन किडनी में भी फैलकर गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।


