मुंबई (सं. भा.)। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रंच युनिट ७ के पुलिस अधिकारियों ने एक ऐसी ७५ वर्षीय महिला को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है जो नशे के कारोबार के पुश्तैनी धंधे से जुड़ी थी। बुजुर्ग महिला द्वारा संचालित चरस के पुश्तैनी धंधे का फंडाफोड़ करते हुए उसके घर से चार किलो के करीब चरस बरामद की। इसका अतंरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ १९ लाख रुपए आंकी गई है।

गौरतलब है कि यूनिट ७ के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मनीष श्रीधनकर को बांद्रा-पश्चिम के वाटर फिल्ड रोड स्थित चिंचवाडी इलाके में ड्रग्स की बिक्री करनेवालों के बारे में सूचना मिली थी। डीसीपी अकबर पठान के मार्गदर्शन व पीआई श्रीधनकर के नेतृत्व में यूनिट ७ के एपीआई आनंद बागडे व सुनयना सानवणे ने अपने सहयोगियों के साथ चिंचवाड़ी स्थित साने गुरूजी सेवा मंडल,चायना गेट होटल के पास जाल बिछाया। वहां एक ५७ वर्षीय बुजुर्ग पीपल के पेड़ के नीचे संदिग्ध अवस्था में खड़ा नजर आया। केशव गवई (बदला हुआ नाम) नामक उस संदिग्ध को हिरासत में लेकर उसके पास मौजूद प्लास्टिक के थैली की तलाशी ली गई तो उसमें से काले रंग की ७ लोइयां बरामद हुई, जिनमें से तीव्र बदबू आ रही थी। पूछताछ करने पर केशव ने बताया कि उसे चरस की लोई उसी बस्ती में उसके पड़ोस में रहनेवाली ७५ वर्षीया जाहिदा शेख (बदला हुआ नाम) ने दिया है। वह जाहिदा के निर्देश पर उक्त चरस अन्य गुर्गों तक पहुंचाने आया था। पुलिस ने जाहिदा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि उसका परिवार पिछले ४५ वर्षों से उस इलाके में ड्रग्स का कारोबार कर रहा था। ८ साल से उसकी बड़ी बहन यह धंधा संभाल रही थी। बहन की मौत के बाद से वह यह कारोबार उसके हाथ में आ गया। पुलिस उसके अन्य साथियों एवं ड्रग्स के सोर्स की तलाश कर रही है।


