उत्तर प्रदेश(स भा): उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। मामला फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के साई गांव का है, जहां 4 साल की मासूम आरवी की ज़िंदगी एक सांप के जहर से नहीं, बल्कि इलाज की कमी से छिन गई। यह दिल दहला देने वाली घटना स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। शनिवार सुबह साई गाँव में जब बच्ची सोफे पर खेल रही थी, तभी उसे सांप ने डस लिया। सांप के डसने के बाद
बच्ची की हालत बिगड़ते ही परिजन उसे गोपालगंज स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन वहाँ से उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुँचने पर भी बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्चों का कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और न ही वेंटिलेटर की सुविधा थी। मजबूरी में, बच्ची को कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन वहाँ पहुँचते-पहुँचते मासूम की सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वही बेटी को खो चुके पिता उमेश गुप्ता ने रोते हुए सवाल किया, “अगर जिला अस्पताल में सही समय पर इलाज मिल जाता, तो आज मेरी बच्ची जिंदा होती।” उन्होंने सबसे पहले जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से जिला अस्पताल और पीएचसी पर आवश्यक दवाई व जीवन रक्षक उपकरण तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज़हरीले सांप ने नहीं, लाचार स्वास्थ्य व्यवस्था ने ली मासूम की जान
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