मुंबई (सं. भा.) दक्षिण मुंबई का सबसे पॉश इलाका मलबार हिल हो या फिर दादर चौपाटी, जुहू चौपाटी या फिर मुंबई के पश्चमी उपनगर का आक्सा चौपाटी, पूरा मुंबई महानगर क्षेत्र रविवार को छठ मइया के लोकगीतों से गूंज उठा। शीतली बयरिया शीतल दूजे पनिया, कब देब देवता तू आके दर्शनिया की गीत के साथ ही व्रतियों ने जुहू चौपाटी पर संझवत का पहला अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित रहे। जुहू तट पर छठ उत्सव महासंघ और बिहारी फ्रंट की तरफ से विशेष आयोजन किया गया था। यहां पर अमरजीत मिश्र, संजय पांडेय, कृपाशंकर सिंह, मोहन मिश्र, मनोज सिंह, राकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय नेता मौजूद रहे। घाटकोपर, प्रभादेवी, कांदिवली, शिवडी, मलाड, कल्याण, ठाणे, नवी मुंबई, नालासोपारा समेत उपनगरों में भी छठ धूमधाम से पूरी पवित्रता के साथ मनाया गया। सोमवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों का व्रत खत्म हुआ।
रविवार की दोपहर से ही छठ पूजा और भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके परिवार के लोगों का जमावड़ा समुद्र तट, तालाब और कृत्रिम तालाबों के पास लगना शुरू हो गया था। इस दौरान ‘सेविले चरन तोहार हे छठी मइया, कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए, कईली बरतिया तोहार हे छठी मइया, दर्शन दिही हे आदित देव’ जैसे लोकगीतों की धुन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में डुबो दिया। विभिन्न प्रकार के फलों और पकवानों से सजे सूप से अर्घ्य देकर व्रतियों ने भगवान सूर्य से अपनी बहन छठी देवी को प्रसन्न करने का अनुरोध किया। लोक धारणा है कि भाई को प्रसन्न देख बहन स्वतः प्रसन्न हो जाती है। व्रतियों ने बेटे-बेटियों के जीवन में सफलता की कामना के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। जिन व्रतियों की मन्नते पूरी हो गई थी, वे भी दंडवत होते हुए समुद्र तट तक पहुंचे थे।

लोकगायकों ने बांधा समां
बिहारी फ्रंट की तरफ से जुहू चौपाटी पर लोकगीत और भजन संध्या का आयोजन किया गया। छठ व्रतियों ने सूर्य देवता के समक्ष पहला अर्घ्य देकर अपनी मनोकामना की गुहार लगाई है। फ्रंट के प्रतिनिधियों ने कहा कि छठ पूजा में हमारी विशेष आस्था है। बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग इस पर्व को मनाते आए हैं। लेकिन, जिस तरह से सहूलियत मिलनी चाहिए थी, वह प्रशासन की ओर से नहीं उपलब्ध कराई गई। श्रुति झा, ऐश्वर्य निगम और दीपाली शाह द्वारा गए गए लोकगीतों ने जुहू चौपाटी पर समां बांध दिया। इस अवसर पर फ्रंट के अध्यक्ष अंजय श्रीवास्तव, अवनींद्र आशुतोष, रोहन झा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
अखंड दीप के साथ सूर्योदय का इंतजार: व्रतियों ने घुटने भर पानी में खड़े होकर संतान की प्राप्ति, पति के दीर्घायु की मंगलकामना के साथ डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया और अखंड दीप जलाकर जुहू चौपाटी पर उदीयमान सूर्य का इंतजार किया। सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ व्रतियों का व्रत पूर्ण हुआ।
आयोजक और सामाजिक संगठन रहे सक्रियः
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को छठ पूजा के लिए जाते समय कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए आयोजक और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लोग छठ व्रतियों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े रहे। अपना पूर्वांचल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव अजय शुक्ला ने बताया कि संस्था की तरफ से सात स्थानों पर व्रतियों के साथ आए परिवारजनों को पानी की बोतल और बिस्किट बांटे गए।


