विरार (सं. भा.) वसई-विरार क्षेत्र में बीते वर्ष फर्जी ( झोलाछाप ) डॉक्टरों का मुद्दा काफी चर्चा में था। उसके बाद फिर 3 फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है, जिनमें से दो डॉक्टरों की डिग्री फर्जी और एक डॉक्टर अपनी मृतक डॉक्टर बहन की जगह प्रैक्टिस करते मिली। मनपा स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से यह मामला सामने आया है। बीते वर्ष 4 फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उसके बाद पुनः एक बार फर्जी डॉक्टरों के सक्रिय होने की जानकारी मनपा स्वास्थ्य अधिकारी को मिली। जांच के दौरान फर्जी डॉक्टरों के तीन मामले सामने आए हैं। विरार पश्चिम वाई के. नगर स्थित महिला भानु शाह नामक महिला के क्लीनिक में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति कोकाटे ने जांच की, उनके पास कोई भी चिकित्सा प्रमाणपत्र न होने पर अर्नाला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया। 13 मई को दूसरी कार्रवाई वसई पूर्व स्थित डॉ. संजिता परवीन के क्लीनिक में जांच की थी, जिसमें पता चला कि डॉ. संजिता के निधन के बाद उसकी बहन सरजून निशा मोहम्मद गयासुद्दीन द्वारा मरीजों को सेवा उपलब्ध करा रही है। सरजून के पास कोई भी डॉक्टर डिग्री नहीं थी, उसके खिलाफ वालिव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया। वहीं तीसरी कार्रवाई बुधवार को की गई। इस कार्रवाई में नेचुरोपैथी डॉक्टर होने का दावा कर एलोपैथी का इलाज किए जाने की बात सामने आई।



