एमबीबीएस डॉक्टरों को मिलेगा क्यूआर कोड
मुंबई (सं. भा.) – महाराष्ट्र में झोलाछाप डॉक्टरों से छुटकारा पाने के लिए महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी) ने ‘नो योर डॉक्टर’ मुहिम शुरू की है। इस अभियान के तहत अब मरीज आसानी से जान सकेंगे कि जिस डॉक्टर से वे इलाज करा रहे हैं, वह असली है या फर्जी। एमएमसी ने 1.40 लाख एमबीबीएस डॉक्टरों को क्यूआर कोड लगाने के निर्देश देते हुए पत्र जारी किया है।
क्यूआर कोड को स्कैन करते ही डॉक्टर की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे झोलाछाप डॉक्टरों के झांसे में आने से बचा जा सकेगा। अक्सर मरीज ठगी के शिकार हो जाते हैं और गलत इलाज से उनकी तबीयत और बिगड़ जाती है। इस नई प्रणाली से ऐसी धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी।

एमएमसी के प्रशासक डॉ. विकी रुघवानी ने बताया कि महाराष्ट्र में 1.90 लाख एमबीबीएस डॉक्टरों में से 1.40 लाख डॉक्टरों ने अपने रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करा लिया है। अब सभी पंजीकृत डॉक्टरों को अपने क्लीनिक पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, एमएमसी एक मोबाइल एप भी लॉन्च करने जा रही है, जिससे घर बैठे ही पंजीकृत डॉक्टरों की जानकारी मिल सकेगी। इस कदम से मरीजों को योग्य और प्रमाणित डॉक्टर तक पहुंचने में आसानी होगी।


