सुलतानपुर (सं. भा.) : पौधारोपण और हरियाली फैलाने के लिए अब मानसून की राह नहीं देखनी होगी। वन महोत्सव से इतर किसी भी समय प्रकृति प्रेमी पौधे रोप सकेंगे। वहीं, अब सामान्य देखभाल से यह पौधे बढ़त पा जाएंगे। ऐसा प्रयोग दूबेपुर ब्लाक स्थित राजकीय पौधशाला में किया जा रहा है। पहले चरण में एक लाख 26 हजार फलदार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पर्यावरण को बेहतर बनाने की पहल में पौधारोपण की सर्वाधिक भूमिका है। जुलाई में बारिश के साथ सीमित पौधारोपण अभियान अब साल भर जारी रहेगा। इसकी तैयारी उद्यान विभाग की ओर से की गई है। इसके लिए आम, अमरूद, आंवला, नीबू, कटहल, बेल व सहजन के रूट स्टाक बीजू पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
इन पौधों का सरवाइवल रेट (उत्तरजीविता) सामान्य पौधों की तुलना में दोगुना अधिक कम ओर तेज तापमान में भी पौधे मुरझाने से बच सकेंगे। आम की तैयार की जा रही प्रजातियों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा व मल्लिका और अमरूद लखनऊ 349 व इलाहाबादी विशेष रूप से विकसित किए गए हैं। यह तीन साल में फल देने लगेंगे। साथ ही इनकी ऊंचाई अधिकतम 12 फीट होगी। ऐसे में, यह कम से कम स्थान में रोपे जा सकेंगे। साथ ही खेत में इन्हें रोपित करने पर फसल के उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ेगा।
फिलहाल फलदार वृक्ष तैयार करने में यह प्रयोग किया जा रहा है। इसकी कामयाबी और लोकप्रियता के साथ वन विभाग से सामंजस्य कर सागौन, शीशम के साथ पीपल, पाकड़, गूलर, बरगद के पौधे भी तैयार किए जाएंगे। राजकीय पौधशाला दिखौली में तैयार किए गए इन पौधों के निजी क्षेत्र में बिक्री के साथ पौधारोपण अभियान में भी रोपित किए जाएंगे। राजकीय पौधशाला के प्रभारी सहायक उद्यान निरीक्षक केदार नाथ यादव ने बताया कि तैयार हो रहे पौधे न्यूनतम पांच डिग्री से लेकर अधिकतम 40 डिग्री के तापमान पर लग सकेंगे। गर्मी में दो बार और ठंड में दो दिन के अंतराल पर पानी दिए जाने से पौधे पर्याप्त बढ़त दो साल में पा सकेंगे।


