- पारा दिन में रहता है गरम रात में हो जाता है नरम
मुंबई (सं. भा.) मुंबई में छह अक्टूबर को दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की विदाई हो गई है। उसके बाद से ही पूरे शहर में हीटवेव की शुरुआत हो गई है, जो सामान्य है। हालांकि, दिन और रात के तापमान में बहुत अधिक भिन्नता है। आलम यह है कि दिन में तापमान गर्म और रात में नरम है। इस तपती गर्मी से जहां जीना मुहाल हो गया है, वहीं मुंबईकर पूरी तरह से बेहाल दिखाई दे रहे हैं। दूसरी तरफ तापमान के इस उतार-चढ़ाव के कारण वायरल बुखार, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, हीट स्ट्रोक जैसी अन्य बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसी स्थिति में मुंबई के मनपा, सरकारी और निजी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की कतार लगने लगी है। डॉक्टर भी सलाह दे रहे हैं कि गर्मी से बचने के लिए जरूरी सभी सावधानियों पर अमल करें, ताकि इन बीमारियों से बचा जा सके।
फिलहाल, मुंबई शहर और पड़ोसी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक है, जो कहर बरपा रहा है। मुंबई में दिन के समय औसतन ३५.१ डिग्री तापमान बना हुआ है, जो मुंबईकरों के पसीने को बहा रहा है।

अस्पतालों में मरीजों की भीड़
जेजे अस्पताल में प्रोफेसर और फिजिशियन डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने कहा कि मनपा, सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में पिछले सात दिनों से गर्मी के शिकार हुए लोगों की भीड़ लग रही है। उन्होंने कहा कि शरीर का तापमान बढ़ने से सांस लेना मुश्किल हो सकता है, जो अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसी सांस की समस्याओं वाले लोगों के लिए घातक हो सकता है। अत्यधिक गर्मी वायरस के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकती है, जिससे संभावित रूप से सर्दी और बुखार के मामले बढ़ सकते हैं।


