नई दिल्ली (सं.भा.): देश की राजनीति में हलचल बढ़ाते हुए चुनाव आयोग ने पांच राज्यों—महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़—की 17 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 16 मार्च को मतदान होगा और परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएंगे।
इन सीटों में फिलहाल 9 पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का कब्जा है, जबकि 8 सीटें कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के पास हैं। ऐसे में सत्ता पक्ष के लिए संख्या बढ़ाने और विपक्ष के लिए संतुलन बनाए रखने की चुनौती सामने है। बिहार में पांच सीटों पर चुनाव होना है, जहां सत्ता गठबंधन का गणित मजबूत माना जा रहा है। हालांकि विपक्षी खेमे के साथ एआईएमआईएम और अन्य दलों की एकजुटता एक सीट पर मुकाबला रोचक बना सकती है।
महाराष्ट्र में सात सीटों पर चुनाव में महायुति की स्थिति मजबूत दिख रही है, लेकिन सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारा चर्चा का विषय बना हुआ है। हरियाणा और छत्तीसगढ़ में दो-दो सीटों पर मुकाबला संतुलित रहने के संकेत हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर कांग्रेस की पकड़ मजबूत आंकी जा रही है। राज्यसभा चुनावों के इस दौर में असली परीक्षा केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि दलों के भीतर तालमेल और रणनीति की भी मानी जा रही है।


