कांदिवली (मुंबई) – गणेश नगर स्थित 90 फीट रोड पर आज एसआरए (झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण) का सर्वे हुआ, जिसे लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी असंतोष देखने को मिला। कुछ लोगों ने सर्वे का समर्थन किया, तो कई रहवासियों ने इसका विरोध करते हुए इसे जबरदस्ती थोपा गया कदम बताया। बिल्डरों के समर्थक दलालों के बीच खींचतान और पुलिस बंदोबस्त के कारण माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
आज हुए सर्वे में प्रभात गृह संस्था, श्री गणेश न्यू प्रभात संस्था, सिद्धि विनायक गृह संस्था, आदर्श चाल गृह संस्था और जन शक्ति गृह संस्था शामिल रहीं।

बिल्डरों की लड़ाई में जनता पिसी
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्षों से इस इलाके की पुनर्वसन परियोजना बिल्डर भावेश शाह (केएम डेवलपर्स) के अधीन थी, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। इससे नाराज रहवासियों ने श्रेया डेवलपर्स से संपर्क किया, जिससे अब दोनों बिल्डरों के समर्थक आमने-सामने आ गए हैं।
इस बीच, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) द्वारा नियुक्त सक्षम प्राधिकारी शीतल देशमुख ने पुलिस सुरक्षा के बीच सर्वे पूरा कराया। लेकिन रहवासियों में गुस्सा साफ नजर आया, कई लोगों ने सर्वे को जबरन थोपा गया फैसला बताया।

पुलिस सुरक्षा में हुआ सर्वे, दलाल रहे नदारद
आज के सर्वे के दौरान पुलिस सुरक्षा काफी सख्त रही, जिससे बिल्डरों के दलाल मौके से गायब नजर आए। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा रही कि जनता बिल्डरों और उनके एजेंटों के बीच पिस रही है, जबकि असली फायदा सिर्फ दलालों को हो रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या यह सर्वे जनता की सहमति से हुआ या फिर यह सिर्फ बिल्डरों के निजी स्वार्थ का नतीजा है? जनता की राय बंटी हुई है, लेकिन विरोध के स्वर इस बात का संकेत हैं कि पुनर्वसन योजना को लेकर अब भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।


