मुंबई सं.भा. ) शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है और बच्चों का भविष्य मजबूत बनाने में स्कूलों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी सोच के साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका अपने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने महानगरपालिका की शिक्षा व्यवस्था की सराहना की।
भायखला स्थित महानगरपालिका स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों की पाठशाला हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में आज के विद्यार्थी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, इसलिए उनके शिक्षण और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां, पानी की बोतल सहित 27 प्रकार की शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। राज्यपाल ने बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और कक्षाओं का निरीक्षण किया।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने बताया कि महानगरपालिका इस वर्ष 35 हजार नए विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ शिक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आठ भाषाओं में शिक्षा, आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महानगरपालिका गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वहीं घाटकोपर के पंतनगर महानगरपालिका स्कूल परिसर में आयोजित प्रवेशोत्सव समारोह में मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशिष शेलार, महापौर रितू तावडे और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर आशिष शेलार ने कहा कि महानगरपालिका स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। राज्य सरकार और महानगरपालिका मिलकर ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार कर रही हैं, जिससे हर बच्चे को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वर्ष के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है।


