मुंबई (सं.भा.): उत्तर मुंबई में केंद्रीय मंत्री और सांसद पीयूष गोयल का ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम नागरिकों के लिए लगातार राहत का बड़ा मंच बनता जा रहा है। जनता से सीधे संवाद की इस पहल ने प्रशासनिक तंत्र में नई सक्रियता पैदा की है, जिसके चलते कई महत्वपूर्ण शिकायतों पर मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है। मालाड-पश्चिम के गौतम बुद्ध मार्ग स्थित वालनाई कॉलोनी बीएमसी स्कूल में आयोजित संवाद सत्र में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएं सामने रखीं।
दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक चले इस कार्यक्रम में गोयल ने 50 से अधिक शिकायतें सुनीं। इनमें से कई पर उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान लागू करने के निर्देश दिए। सबसे अहम निर्णय 7 हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लगभग 400 परिवारों के लिए सोसायटी सड़कों के निर्माण का आदेश रहा, जिसे बीएमसी को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने को कहा गया। इसके साथ ही 24 घंटे चल रहे निर्माण कार्य से उत्पन्न धूल-प्रदूषण और शोर की समस्या पर भी गोयल ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे 1,500 परिवारों को राहत की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों की समस्याओं में आवास पुनर्विकास में आ रही अड़चनें, जर्जर सड़कें, ड्रेनेज और सीवर लाइन की खामियां, जल आपूर्ति में अनियमितता और वालनाई पार्क क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों सहित कई मुद्दे शामिल थे। सुनवाई के दौरान गोयल ने कहा कि “स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं। हर उचित शिकायत का समाधान तुरंत करना हमारी जिम्मेदारी है।”
कई नागरिकों ने बताया कि वे महीनों से विभागों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन जनसंवाद मंच के माध्यम से पहली बार उनकी शिकायतों को तुरंत सुना गया और उसी समय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। नागरिकों ने कहा कि यह पहल क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और भरोसे का नया वातावरण बना रही है।
संवाद कार्यक्रम के बाद पीयूष गोयल ने कांदिवली स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर शताब्दी अस्पताल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, सेवा गुणवत्ता और चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा मरीजों के हित में त्वरित सुधार के निर्देश दिए।


