गरीब मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
फतेहपुर (स भा): जिला अस्पताल की मुख्य एक्सरे मशीन पिछले एक महीने से खराब है, जिससे हर दिन करीब 250 मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यह स्थिति सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, क्योंकि महंगी जांच न सिर्फ गरीब तबके की जेब पर भारी पड़ रही है, बल्कि इलाज में भी देरी हो रही है।
अस्पताल में कुल तीन एक्सरे मशीनें हैं। इनमें से एक ट्रॉमा सेंटर के लिए आरक्षित है और केवल गंभीर मामलों में उपयोग हो रही है। दूसरी मशीन सिर्फ मेडिको-लीगल मामलों के लिए है, जबकि तीसरी मशीन, जो सामान्य मरीजों के लिए थी, वह खराब पड़ी है। इसी वजह से आम जनता सबसे ज्यादा परेशान है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.के. सिंह ने बताया कि लखनऊ से इंजीनियरों की कई टीमें मशीन को ठीक करने आ चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है। इस समस्या की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
स्थानीय लोगों ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जिला अस्पताल की दुर्दशा ने स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई खोलकर रख दी है। “सरकार कब्र में भी अपनी पोल खुलवाने पर आमादा है। गरीब इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है और नेताओं को इसकी सुध तक नहीं।”


