मुंबई (सं. भा.) बोरीवली पुलिस ने फ्लैट दिलाने का झांसा देकर एक वृद्ध दंपती से 1.27 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में सात महीने से फरार चल रही महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला का नाम रोज सुधीर पदबिदारी है, जबकि इस मामले में तीन अन्य आरोपी स्मिता पोतदार, संजय पारकर और अभिषेक एसवी अब भी फरार हैं।
जानकारी के अनुसार, 80 वर्षीय आत्माराम दाजी सावंत अपनी पत्नी के साथ बोरीवली में रहते हैं। उनके तीन बच्चों में से दो विदेश में और एक मुंबई में रहता है। सावंत एक निजी कंपनी से और उनकी पत्नी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं। लगभग 13 महीने पहले उनकी मुलाकात स्मिता पोतदार नामक महिला से हुई थी, जिसने उन्हें बताया कि कस्तूरबा पार्क स्थित सह्याद्री सोसाइटी में बैंक द्वारा जब्त किए गए दो फ्लैट सस्ते दामों में खरीदे जा सकते हैं।

स्मिता पोतदार ने सावंत दंपती को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें यह फ्लैट दिलवा सकती है। इसके लिए उसने अपने साथी संजय पारकर को भी बातचीत में शामिल किया। सावंत दंपती ने पहले 80 हजार रुपये पेशगी के रूप में जमा किए। बाद में स्मिता ने अभिषेक एसवी और रोज सुधीर पदबिदारी से उनका परिचय कराया, जिन्होंने खुद को फ्लैट डीलिंग एजेंट बताया।
धीरे-धीरे सावंत दंपती से कोर्ट केस, कागजी कार्रवाई और रजिस्ट्री के नाम पर 1.27 करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए। जब महीनों बीतने के बाद भी फ्लैट का पजेशन नहीं मिला और लगातार टालमटोल की जाने लगी, तो सावंत दंपती को संदेह हुआ। वे वर्ली स्थित बैंक की शाखा में पहुंचे और डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) से इस बारे में जानकारी ली। बैंक अधिकारियों ने बताया कि फ्लैट का कोई सौदा नहीं हुआ है और न ही कोई वैध प्रक्रिया पूरी की गई है।
यह सुनते ही सावंत दंपती को समझ आ गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने तत्काल बोरीवली पुलिस स्टेशन में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दंपती को फंसाया था।
पुलिस ने जांच शुरू की और विशेष अभियान चलाकर सात महीने से फरार चल रही रोज सुधीर पदबिदारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब अन्य तीन आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले का पूरी तरह से खुलासा किया जाएगा।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ठगी की रकम और उसके अन्य साथियों की जानकारी जुटाने में लगी है।


