अस्थाई स्टील प्लैटफॉर्म से यात्रियों को राहत
मुंबई (सं. भा.) पश्चिम रेलवे के मालाड स्टेशन पर मार्च से यात्रियों को एक नई सुविधा मिलने जा रही है। स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 1 के पास बनाए गए अस्थाई स्टील प्लैटफॉर्म को अगले महीने से चालू किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।
गौरतलब है कि गोरेगांव से कांदिवली के बीच छठी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है, जिसके चलते मालाड का पुराना होम प्लैटफॉर्म अब ‘बेट प्लैटफॉर्म’ में तब्दील हो गया है। ‘बेट प्लैटफॉर्म’ वह होता है, जहां एक ही प्लैटफॉर्म पर दोनों दिशाओं की ट्रेनें रुकती हैं। जब दोनों तरफ से लोकल ट्रेनें एक साथ आती हैं, तो यात्रियों की भीड़ एक साथ उमड़ पड़ती है, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है।
भीड़ प्रबंधन को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने प्लैटफॉर्म नंबर 1 के पास अस्थाई स्टील प्लैटफॉर्म का निर्माण किया है। पश्चिम रेलवे के मुंबई डिविजन के प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि नया प्लैटफॉर्म विरार दिशा की धीमी लोकल ट्रेनों में यात्रियों को दोनों ओर से प्रवेश की सुविधा देगा। उन्होंने कहा, “यह एक अस्थाई समाधान है, जिसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक भीड़ प्रबंधन के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती।”

रेलवे ने स्टेशन की भीड़ को कम करने के लिए अन्य उपाय भी किए हैं। लोकल ट्रेनों के समय में कुछ मिनटों का बदलाव किया गया है ताकि पीक ऑवर्स में भीड़ का दबाव कम किया जा सके। साथ ही, टिकट आरक्षण केंद्र और अन्य संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मालाड स्टेशन पर प्लैटफॉर्म चौड़ा करने के लिए रेलवे ने ‘प्री-कास्ट बॉक्स तकनीक’ का उपयोग किया है। यह तकनीक पहले ठाणे स्टेशन पर अपनाई गई थी, जहां मॉड्यूलर प्लैटफॉर्म का सफल निर्माण किया गया। भारतीय रेलवे ने इसे देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग माना है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन लगातार बदलाव और सुधार कर रहा है। नया स्टील प्लैटफॉर्म भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को अधिक सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सकेगा।


