सुलतानपुर (सं. भा.) : फर्जी आइडी के सहारे पीड़िता के पति को अपना पति दर्शाने और पासपोर्ट बनवाने के मामले में वादी ने कोर्ट में मानीटरिंग अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ मनीश निगम ने विवेचक को प्रगति रिपोर्ट के साथ कोर्ट में तलब किया है। प्रकरण कुड़वार थाने के पूरे फिदाहुसैन गांव से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय गांव निवासी साफिया पत्नी रकीब अहमद की तहरीर पर कुड़वार थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। 18 अक्टूबर 2016 की घटना दर्शाते हुए साफिया ने गांव निवासी हबीबा पुत्री मो.मुश्ताक को अभियुक्त बनाया था। आरोप लगाया था कि हबीबा ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए उसके पति के नाम का सहारा लिया है। फर्जी पहचान पत्र लगाकर हबीबा ने खुद को रकीब अहमद की पत्नी बताया है। पुलिस ने अभी तक पीड़ित से बयान तक नहीं लिया। इसी आधार पर वादी ने कोर्ट में मानीटरिंग अर्जी दी थी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ मनीष निगम ने अधिवक्ता सुभाष तिवारी की बहस सुनी। जिसमें कहा गया कि पुलिस पक्षपात कर आरोपी को राहत देने का प्रयास कर रही हे। जिस पर न्यायाधीश ने 31 अक्टूबर को विवेचक को प्रगति रिपोर्ट के साथ तलब किया है।


