(सं. भा.) देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की महंगी फीस के कारण अब गरीब मेधावी युवाओं की पढ़ाई नहीं रुकेगी। प्रदेश की योगी सरकार हर साल 500 गरीब युवाओं के प्रोफेशनल कोर्स का खर्च उठाने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष का दायरा बढ़ाने जा रही है। इसमें डिप्लोमा से लेकर इंजीनियरिंग, डॉक्टरी व मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों की फीस कोष से दी जाएगी। इसमें कोर्स की फीस के साथ हर साल खाने-पीने व ड्रेस के लिए अलग से पैसे दिए जाएंगे।
महिला कल्याण विभाग इस योजना के तहत मेधावी युवाओं को पढ़ाई के लिए गोद लेने जा रहा है। इस योजना में युवाओं को न सिर्फ पूरे कोर्स की फीस दी जाएगी बल्कि सरकार उसकी प्रगति पर भी नजर रखेगी। यानी बीटेक करने वाले युवा की पांच साल तक लगातार विभाग निगरानी करेगा, कोर्स खत्म होने के बाद विभाग यह भी देखेगा कि वह युवा आगे क्या कर रहा है। यह सारी निगरानी सॉफ्टवेयर के जरिये की जाएगी। यह प्रदेश की पहली ऐसी योजना है जिसमें सरकार पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ ही उसकी प्रगति की निगरानी भी करेगी।
रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत मेधावी युवाओं का चयन उनके परिवार की माली हालत व मेरिट के आधार पर होगा। इसमें युवाओं को फीस के अलावा 30 हजार रुपये खाने-पीने व 10 हजार रुपये ड्रेस के लिए अलग से हर साल दिए जाएंगे। इस योजना में सरकार आइआइटी, आइआइएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ ही बड़े प्राइवेट कॉलेजों व संस्थानों में दाखिला होने पर गरीब मेधावी युवाओं की पूरी फीस देगी।
महिला कल्याण विभाग ने इसके लिए रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष की नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस संशोधन पर मुख्यमंत्री ने भी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब विभाग ने फाइल मुख्यमंत्री के औपचारिक अनुमोदन के लिए भेज दी है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद यह योजना प्रदेश में लागू हो जाएगी।
बालगृह के बच्चों की भी इस कोष से होगी मदद
रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से विभाग द्वारा संचालित बाल गृह, आश्रय गृह व खुले गृहों में रहने वाले बच्चों को भी उच्च स्तर की पढ़ाई का खर्च उठाया जाएगा। यहां रहने वाले बच्चे बड़े होकर यदि कोई व्यापार करना चाहते हैं तो उसके लिए भी एक लाख रुपये तक आर्थिक मदद इस कोष से की जाएगी।
तीन तलाक पीडि़ता की भी मदद करेगी सरकार
प्रदेश सरकार इस कोष से तीन तलाक पीडि़त गरीब महिलाओं की भी आर्थिक मदद करेगी। इसके लिए कोष नियमावली में संशोधन किया जा रहा है। इसमें ऐसी गरीब महिलाओं को शामिल किया जा रहा है जो निराश्रित हैं या जिनके पतियों ने छोड़ दिया हैं या फिर अकेले रहती हैं। सरकार इन्हें एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी!


