मुंबई, (सं भा.): बीएमसी चुनाव से ठीक पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी तापमान चरम पर है। पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा को कांग्रेस विधायक असलम शेख द्वारा कथित धमकी देने का मामला अब खुलकर राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है। लोढ़ा का कहना है कि उन्होंने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद असलम शेख ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसकी औपचारिक शिकायत लोढ़ा ने मुंबई पुलिस आयुक्त को सौंप दी है।
इसी विवाद पर भाजपा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए माहौल और गरमा दिया। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने असलम शेख पर पलटवार करते हुए कहा कि “असलम शेख पाकिस्तान की औलाद की तरह बयानबाज़ी कर रहे हैं और घुसपैठियों का बचाव कर रहे हैं।” साटम के इस तीखे आरोप के बाद राजनीतिक टकराव और उग्र हो गया।
अमित साटम के बयान के तुरंत बाद ही कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क उठे और शनिवार को साटम के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके जवाब में रविवार को भाजपा युवा मोर्चा ने मालवणी में असलम शेख के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

बीजेपी के आंदोलन में विधायक संजय उपाध्याय, अतुल भातखलकर, प्रवीण दरेकर, मनीषा चौधरी, जिला अध्यक्ष दीपक बाला तावड़े, मीडिया प्रभारी नीला बहन सोनी ,पूर्व नगरसेवक कमलेश यादव, भाजपा नेता विनोद शेलार, शिव शेट्टी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
विधायक उपाध्याय ने आंदोलन में कहा कि “राज्य के मंत्री को धमकी देना लोकतंत्र का चीरहरण है। हम कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो असलम शेख को उनकी ही भाषा में जवाब देना जानते हैं।”
वहीं प्रवीण दरेकर ने स्पष्ट कहा कि “बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”


