असलम शेख का भाजपा पर कड़ा वार
मुंबई, (सं. भा.): भाजपा नेता मंगल प्रभात लोढ़ा के कथित धमकी बयान के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। इस मुद्दे पर पूर्व मंत्री असलम शेख ने सरकार और भाजपा नेताओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन घरों को “बांग्लादेशी” और “रोहिंग्या” बताकर गिराया गया, आज तक एक भी विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी नहीं हुई।
दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा की धमकी के कथित मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री असलम शेख ने पलटवार किया है। शेख ने लोढ़ा और अमित साटम पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुंबई में राजनीतिक चर्चाओं को जाति और धर्म के संकीर्ण दायरे में सीमित किया जा रहा है, जबकि शहर की असली समस्याएं बुनियादी नागरिक मुद्दों को लेकर हैं।

अवैध अतिक्रमण बनाम ‘बांग्लादेशी-रोहिंग्या’ का दुष्प्रचार
असलम शेख ने विधायक लोढ़ा के उस दावे पर तीखा प्रहार किया जिसमें टूटे गए घरों में “बांग्लादेशी और रोहिंग्या” के रहने की बात कही गई थी। शेख ने दावा किया कि 400 से अधिक घरों को तोड़े जाने के 15 दिन बाद भी प्रशासन एक भी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर पाया है जो बांग्लादेशी या रोहिंग्या हो।
शेख ने जोर देकर कहा: “सारे के सारे हिंदुस्तानी हैं, और उनमें से 60 प्रतिशत से अधिक घर हमारे हिंदू भाई-बहनों के हैं, जिन्हें आपने तबाह कर दिया है।” उन्होंने लोढ़ा पर आरोप लगाया कि वह इस विध्वंस पर चर्चा करने से बच रहे हैं और केवल उनसे (शेख से) माफ़ी मंगवाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। शेख ने भावुक होते हुए कहा कि वह दस बार माफ़ी माँगने और सरकार के हाथ जोड़ने को तैयार हैं, बशर्ते सरकार इन गरीबों के घर बनाकर दे।
मेयर का चयन: ‘खान’ बनाम ‘मुंबईकर’ की राजनीति
मेयर पद के चयन को लेकर की गई एक अन्य टिप्पणी पर भी असलम शेख ने आक्रामक रुख अपनाया। अमित साटम द्वारा कथित तौर पर यह कहने पर कि “हम किसी खान को महापौर नहीं बनने देंगे”, शेख ने इस तरह की जातिगत राजनीति को मुंबई की भावना के विरुद्ध बताया।
शेख ने कहा, “खान, पठान, शेख, शेलार, शिंदे, साटम, किसी मुंबईकर को फरक नहीं पड़ता कि कौन महापौर बनता है।” उनके अनुसार, मुंबई के निवासियों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेयर किस जाति या धर्म का है; उन्हें एक ऐसा महापौर चाहिए जो बुनियादी समस्याओं को हल कर सके।
उन्होंने मुंबई की गंभीर समस्याओं को उठाते हुए कहा कि शहर में यातायात की समस्या इतनी विकराल है कि रोज जानें जा रही हैं, प्रदूषण इतना अधिक हो गया है कि मुंबई देश में दूसरे नंबर पर आ गई है, और अवैध पार्किंग व हॉकिंग पर कोई नियंत्रण नहीं है।
शेख ने मांग की कि मंगल प्रभात लोढ़ा और अमित साटम दोनों को मुंबईकरों से माफ़ी मांगनी चाहिए, क्योंकि वे शहर की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय सिर्फ जाति-जाति के भेद पर आधारित राजनीति कर रहे हैं


