- मनपा ने किया पर्यटकों को सावधान
मुंबई (सं. भा.) समुद्री तटों पर घूमने जाने वाले पर्यटकों को पानी से दूरी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि इन दिनों समंदर के पानी में जेलीफिश और स्टिंग रेज का खतरा बढ़ गया है। समंदर के पानी में टहलते समय ये मछलियां घातक डंक मार सकती हैं, इसलिए बीएमसी प्रशासन ने लोगों से समंदर के पानी से दूरी बनाए रखने आह्वान किया है। बीते सोमवार को जुहू चौपाटी पर घूमने आए पर्यटकों पर जेलीफिश का हमला हुआ था, जिसमें 6 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने मुंबई तटों की जायजा लेकर एक रिपोर्ट बीएमसी को भेजी है। इसमें समुद्री तटों पर जेलीफिश और स्टिंग रेज खतरा होने की पुष्टि की गई है। अगस्त से अक्टूबर महीने के दौरान मुंबई तटों पर ‘ब्लू बटन जेलिफिश’, ‘स्टिंग रे’ की अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।

अगस्त से अक्टूबर तक रहता है ज्यादा खतरा
मुंबई का समुद्र तट एक संरक्षित समुद्र तट है और इसमें तेज धाराएं नहीं हैं, इसलिए यहां जेलीफिश जैसे जलचरों के लिए प्रचुर मात्रा में भोजन उपलब्ध होता है। अगस्त से अक्टूबर अवधि के दौरान इन्हें प्रजनन में अनुकूल का वातावरण मिलता है। स्टिंग रे के काटने पर जलन या चुभन का अनुभव होता है। जेलीफिश के डंक में बहुत खुजली होती है।
मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने मनपा से नागरिकों को ‘जेली फिश के काटने’ के मद्देनजर आवश्यक उपाय करने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने विभाग स्तर पर उपाय करने का निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित सहायक आयुक्तों को इस संबंध में कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं


