- 114 मंदिरों ने जारी किया ड्रेसकोड
मुंबई (सं. भा.) महाराष्ट्र के मंदिरों में भक्त अब अशोभनीय और भद्दे कपड़े पहन कर अंदर नही जा सकते। तुलजा भवानी मंदिर में ड्रेसकोड लागू होने के बाद अब महाराष्ट्र के 114 मंदिरों में ड्रेसकोड लागू कर दिया गया है । इसी कड़ी में विरार के जीवदानी मंदिर ने भी यहां वाले दर्शनार्थियों के लिए ड्रेसकोड लागू कर दिया है। मंदिरों द्वारा ड्रेसकोड लागू करने के बाद देह प्रदर्शन करने वाले, भड़काऊ, अशोभनीय और भद्दे कपड़े पहनने वालों के साथ ही हाफ पैंट, बरमूडा पहनने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के समन्यवक सुनील घनवट ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जलगांव, अकोला, धुले, नागपुर, नासिक, अमरावती, अहिल्यानगर और कोंकण सहित क्षेत्र के सभी 114 मंदिरों में ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। महाराष्ट्र मंदिर महासंघ की ओर से 7 जून को दादर स्थित वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक में विभिन्न जिलों के मंदिरों के ट्रस्टी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें ट्रस्टियों ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने के प्रस्ताव पर सहमति दी थी।

संस्कृति और सभ्यता का होना चाहिए सम्मान
सुनील घनवट ने कहा कि मंदिरों में अंग प्रदर्शन हमारी संस्कृति के विपरीत है, भारतीय संस्कृति और सभ्यता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2020 में महाराष्ट्र शासन ने मंत्रालय सहित सभी शासकीय कार्यालय में ड्रेस कोड लागू किया है, जिसमें जींस और टी शर्त पहनने पर रोक है। गुरुद्वारा, चर्च, मस्जिद, स्कूल, न्यायालय, पुलिस आदि में ड्रेस कोड लागू है। जीएसवी मंदिर के ट्रस्टी शशांक गुलगुले ने कहा कि मंदिर में उत्तेजक, अशोभनीय, फटे जींस में श्रद्धालु आते हैं, जो गलत है। सात्विक वेशभूषा परिधान पहनने से चैत्यन्य लाभ मिलेगा। जीवदानी मंदिर विरार के अध्यक्ष प्रदीप तेंडुलकर ने कहा कि जीवदानी मंदिर में ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है।
मंदिर के गेट पर कपड़े की व्यवस्था
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ पत्रकार परिषद
जो श्रद्धालु हाफ पैंट, बरमूडा में आएंगे उनके लिए मंदिर के गेट पर पहनने के लिए पर्याय कपड़े की व्यवस्था की गई है। दर्शन के बाद उसे मंदिर के गेट पर लौटाने होंगे।
इस अवसर पर श्री शीतला देवी मंदिर माहिम, मुरलीधर मंदिर माहिम, अष्टविनायक मंदिर पाली, भुलेश्वर मंदिर, बालाजी मंदिर भुलेश्वर, देवनेश्वर महादेव मंदिर वसई, परशुराम तपोवन आश्रम वसई, श्रीराम मंदिर धारावी, मुरलीधर मंदिर शीव, हनुमान मंदिर डोंबिवली, कडव गणपति मंदिर कर्जत, श्रीराम मंदिर नागोठणे, जबरेश्वर महादेव मंदिर बाणगंगा, दत्त मंदिर माहिम, झाववा श्रीराम मंदिर गिरगांव, जीवदानी मंदिर विरार के ट्रस्टी उपस्थित रहे।


