लखनऊ (सं.भा.) : उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। इनमें सबसे चर्चित निर्णय शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन से जुड़े कई अहम फैसले भी शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया गया है। अब इस निर्णय के बाद नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
बैठक में प्रदेश में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन, यूपी स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इन नई नीतियों से राज्य में निवेश आकर्षित होगा और युवाओं के लिए रोजगार तथा उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी स्वीकृति दी है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी, जिसके तहत लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआई अस्पताल तथा वाराणसी में ईएसआई मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी गई। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के परिवारों के लिए आरक्षित रहेंगी।
इसके अलावा उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में तीन नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई।


