मुंबई (सं.भा.): यूजीसी कानून को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारत वैभव पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि यूजीसी कानून के जरिए देश के सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ने और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह कदम सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भारत वैभव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वर्तमान समय में देश में दलित, पिछड़ा और सामान्य वर्ग के लोग शिक्षा, रोजगार और व्यापार जैसे क्षेत्रों में बिना किसी भेदभाव के साथ कार्य कर रहे हैं। समाज में आपसी सहयोग, विश्वास और भाईचारे का वातावरण बना हुआ है, जिसे जानबूझकर कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार यूजीसी कानून के माध्यम से इसी सौहार्दपूर्ण व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। पाण्डेय ने कहा कि हजारों वर्षों से भारत विभिन्न जातियों, समूहों और धर्मों को जोड़ने वाली परंपराओं और महापुरुषों के त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण एकजुट रहा है। इसी सनातन परंपरा के चलते आज भाजपा सत्ता में है, लेकिन सत्ता के नशे में वह उन्हीं मूल्यों को कमजोर कर रही है। प्रेस विज्ञप्ति में पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के बल पर देश के प्रमुख धार्मिक गुरु शंकराचार्य का अपमान करने और उन्हें धमकी देने जैसा व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों के जरिए समाज को बांटने का प्रयास किया गया और अब हिंदू समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषण करते हुए कृष्ण कुमार पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि जिस तरह बहादुर शाह जफर को मुगल वंश के अंतिम शासक के रूप में जाना जाता है, उसी तरह नरेंद्र मोदी को भाजपा के अंतिम प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाएगा। उनके अनुसार मौजूदा नीतियां न केवल देश और समाज बल्कि भाजपा के भविष्य के लिए भी संकट पैदा कर रही हैं। भारत वैभव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश के युवाओं, मीडिया कर्मियों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे देश के समग्र विकास, मजबूत लोकतंत्र और पारदर्शी व न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था के लिए भारत वैभव पार्टी के नेतृत्व में प्रस्तावित “सारथी सरकार” को समर्थन दें।


